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20 अक्तूबर, 2020|10:21|IST

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समय पूरा, रामपुर में 61 फीसदी ही हो सकी गेहूं खरीद

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जिले में गेहूं खरीद की निर्धारित अवधि मंगलवार को पूरी हो गई। डेढ़ सौ से अधिक क्रय केंद्र होने के बावजूद खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। हर साल की तरह इस बार भी खरीद में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे। किसान गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, जबकि बिचौलियों का गेहूं बेरोक-टोक तौला गया। प्रशासन की ओर से सख्ती की गई। खरीद में तेजी लाने के लिए कई क्रय एजेंसियों के प्रभारियों को नोटिस भी जारी हुए, लेकिन खरीद में तेजी नहीं आ सकी। यही वजह रही कि लक्ष्य का 61 फीसद ही खरीद हो सकी। लॉकडाउन के चलते इस बार प्रदेश भर में गेहूं खरीद 15 दिन देर से शुरू हुई। जिले में भी 15 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू कराई गई। खरीद के लिए 1.59 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया। 30 जून तक यह लक्ष्य पूरा किया जाना था। इसके लिए खाद्य विभाग के अलावा यूपी एग्रो, एसएफसी, भारतीय खाद्य निगम, नैफेड आदि अन्य क्रय एजेंसियों को भी लगाया गया। खरीद के लिए जिले भर में 152 क्रय केंद्र बनाए गए।30 जून तक लक्ष्य के सापेक्ष 96932.70 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो सकी है, जो लक्ष्य का 61 फीसद है। यह पिछले वर्ष से थोड़ी अधिक है। पिछले वर्ष भी इसी लक्ष्य के सापेक्ष 60.87 फीसद थी।अनुपम निगमजिला खाद्य विपणन अधिकारी, रामपुर

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  • Web Title:Time is over only 61 percent wheat procurement in Rampur could be done