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90 फीसदी शरीर दर्द की वजह तनाव मायोसिटिस सिंड्रोम

हिन्दुस्तान टीम,रामपुरNewswrap
Fri, 03 Dec 2021 03:23 AM
90 फीसदी शरीर दर्द की वजह तनाव मायोसिटिस सिंड्रोम

यदि आपके शरीर में अक्सर शरीर में दर्द, जकड़न, कमजोरी , झुनझुनी, सुन्नता, मांसपेशियों में संकुचन व ऐंठन होती है तो इन समस्याओं की जड़ तनाव मायोसिस सिंड्रोम नामक बीमारी के लक्षण होते हैं। इससे बचने के लिए तनाव और मादक पदार्थों के सेवन से दूरी बनानी होगी।

नगरीय स्वास्थ्य केन्द्र दोमहला परिसर में आयुर्जीवनम् सेवा समिति द्धारा आयोजित गैर संचारी रोग स्क्त्रीनिंग कैंप के दौरान आयुर्वेद एवं आध्यात्म मनोचिकित्सक कुलदीप सिंह चौहान ने मुख्यत: शरीर दर्द एवं सांस की एलर्जी वाले रोगियों के स्वास्थ्य की जांच करते हुए कहा कि टीएमएस के लक्षण गर्दन, घुटने, हाथ, कलाई और शरीर के अन्य हिस्सों में हो सकते हैं। यदि चिकित्सीय जांच में मांस पेशियों में संक्त्रमण या कोई अन्य कमी नहीं निकलती है तभी माना जा सकता है कि यह तनाव मायोसिटिस सिंड्रोम है। उन्होंने शिविर में आये रोगियों को टीएमएस के मूल कारणों की जानकारी देते हुए कहा कि अचेतन मानसिक तनाव, क्त्रोध , चिंता और मादक पदार्थों का अधिक सेवन की स्थिति में भावनाओं के खिलाफ मन के रक्षा तंत्र की आवाज है, जिस कारण चेतन मन शारीरिक दर्द प्रदर्शित करने लगता है। कहा कि टीएमएस को एक मनोदैहिक स्थिति भी माना जा सकता है और इसे "व्याकुलता दर्द सिंड्रोम" कहा जाता है। यह भावनाओं के अनियंत्रण होने और अत्याधिक मानसिक तनाव व नींद की कमी के कारण होता है। इसके निदान में दवाएं अधिक कारगार नहीं होती। इसके लिये आध्यात्मिक चिकित्सा अधिक परिणामदायक है। टीएमएस के उपचार में अपनी भावनात्मक मुद्दों को डायरी में लिखना पर्याप्त नींद लेना आहार में पोषक तत्वों को शामिल करना एवं सामान्य जीवन शैली के विचार रखने से शरीर और मांसपेशियों के दर्द में रहत मिलेगी। शिविर में आयुर्जीवनम् के सदस्य अजय कुमार, रजनी, शबाना खान, मुस्कान बी एवं राजस्थान औषधि के प्रतिनिधि नीरज जौहरी आदि मौजूद रहे।

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