
रिलीव बाबू को कार्यालय में काम करते देख भड़के शिक्षक, हंगामा
Rampur News - बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि रिलीव बाबू मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं और समायोजन प्रक्रिया में अनियमितताएं हैं। शिक्षकों ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और पारदर्शी समायोजन की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि उनका मानसिक और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर बीएसए कार्यालय पहुंचे शिक्षक रिलीव हो चुके बाबू को कार्य करता देखकर भड़क गए। आक्रोशित शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय में हंगामा करते हुए नारेबाजी की। उनका आरोप था कि बीएसए कार्यालय पर ठेके पर काम किया जा रहा है। वहीं उन्होंने समायोजन प्रक्रिया भी मनमानी तरह से करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि बीएसए कार्यालय में बाबू मनमाने तरीके से काम कर रहे है और शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न कर रहे हैं। हंगामा होने पर संबंधित बाबू पीछे के रास्ते से कार्यालय से निकल गए। इसके बाद शिक्षकों ने इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा।
शिक्षकों ने बताया कि पिछले दिनों जिले में 117 शिक्षकों का समायोजन किया गया था। इस संबंध में शिक्षकों को कोई जानकारी नहीं दी गई थी। आरोप यहां तक है कि शिक्षकों की बिना जानकारी के ही उनको उसी दिन संबंधित पोर्टल पर रिलीव करने के साथ ही दूसरे स्कूल में ज्वाइनिंग भी दिखा दी गई। बीएसए कार्यालय में तैनात कर्मचारियों द्वारा की जा रही मनमानी की जानकारी जब उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को हुई तो वह जिलाध्यक्ष कैलाश बाबू पटेल और जिला मंत्री आनंद प्रकाश गुप्ता के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने बीएसए कल्पना देवी से बात करने की कोशिश की लेकिन किन्हीं कारणों से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद शिक्षक कलक्ट्रेट पहुंचे और इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का आरोप है बीएसए कार्यालय में तैनात बाबू पन्नालाल सैनी को करीब दो माह पहले कार्यालय से रिलीव कर दिया गया था, इसके बाद भी वह कार्यालय पर काम कर रहे थे। यह देखकर शिक्षक भड़क गए और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि समायोजन का काम रिलीव बाबू ने अपने एक निजी कर्मी के साथ मिलकर किया है, जो नियमानुसार गलत है। शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए कार्यालय पर ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि समायोजन प्रक्रिया मनमाने तरीके से की गई है। जिससे शिक्षक परेशान हैं और उनका आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है। हंगामा बढ़ने पर संबंधित बाबू पीछे के रास्ते से निकल गए। शिक्षकों ने समायोजन के पिछले आदेश को निरस्त कर नियमानुसार पारदर्शी तरीके से दोबारा शिक्षकों का समायोजन करने की मांग की है। इस दौरान अंजुम स्नेही सक्सेना, महेन्द्र प्रताप सिंह, सतीश गिरोह, भानु प्रताप सिंह, रश्मि शर्मा, कुलसुम परवीन, गुड्डो देवी, अनीता, शीतल, राजेश कुमार, अरशद अली, आनंद पाल सिंह, इन्द्र सिंह, प्रियंका सक्सेना, ज्ञान सक्सेना, रुचि गुप्ता, निधि सक्सेना समेत बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

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