Rampur News: जौहर विवि के भवनों को ध्वस्त नहीं होने देंगे: माता प्रसाद
Rampur News: रामपुर में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि जौहर विवि के भवनों को बचाने के लिए सपा पूरी तरह से साथ खड़ी है। सपा ने विश्वविद्यालय के 38 भवनों को तोड़ने के आदेश के खिलाफ ज्ञापन दिया और आश्वासन दिया कि छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

Rampur News: रामपुर, प्रमुख संवाददाता। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने कहा कि जौहर विवि के भवनों को बचाने के लिए सपा पूरी तरह से साथ खड़ी है। विवि के भवनों को धवस्त नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले में सपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से भी मिलेगा। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में गुरुवार को सपा का 45 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल रामपुर पहुंचा। दोपहर करीब एक बजे दर्जनों वाहनों के काफिले के साथ नेता प्रतिपक्ष गांधी समाधि स्थित संत शिरोमणि रविदास गेस्ट हाउस पहुंचे। यहां से काफिला जौहर विश्वविद्यालय के लिए रवाना हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में प्रतिनिधिमंडल ने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त किया कि उनके भविष्य के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान ध्वस्तीकरण की कार्रवाई वापस लेने की मांग उठाई गई। इस मौके पर सपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री आजम खां और विधायक अब्दुल्ला आजम की रिहाई की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। वहां यूनिवर्सिटी में प्रबंधन के साथ बैठक के बाद प्रतिनिधि मंडल अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा। जहां जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि आजम साहब की रिहाई के लिए कानूनी प्रक्रिया जारी है। विवि के भवनों को बचाने के लिए सपा पूरी तरह से साथ खड़ी है। हम लोग इसीलिए आज यहां आए हैं, जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया है। कलेक्ट्रेट के बाद नेता प्रतिपक्ष आजम खां के घर पहुंचे और उनकी पत्नी तजीन फात्मा से मुलाकात की.
ज्ञापन में यह की मांग
मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को तोड़ने का आदेश छात्र एवं शिक्षा हित में नहीं है, केवल सत्तारूढ़ पार्टी के राजनैतिक द्वेष भावना पर आधारित है और विधि विरुद्ध है, जिसे निरस्त किया जाना जनहित एवं छात्र-हित में आवश्यक है। सपा का यह प्रतिनिधि मंडल मांग करता है कि जनहित एवं छात्र-हित में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी रामपुर के 38 भवनों को तोड़ने का आदेश रद करते हुए उचित वैधानिक कार्रवाई करें.
ज्ञापन में यह कहा
-यूनिवर्सिटी के निर्माण के समय सींगनखेड़ा ग्राम पंचायत क्षेत्र में था और उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 अथवा किसी विधि के अंतर्गत निर्माण की अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं थी।
-यूनिवर्सिटी के निर्माण के समय सींगनखेड़ा आरबी एक्ट 1958 के अंतर्गत रेगुलेटेड एरिया में भी शामिल नहीं था, इसलिए अनुमति प्राप्त किया जाना संभव नहीं था।
-27 सितंबर 2024 को आरडीए के क्षेत्र में सींगनखेड़ा को शामिल किया गया, जबकि यूनिवर्सिटी का निर्माण उससे पहले पूरा हो चुका था।
-आरडीए एवं जिलाधिकारी रामपुर द्वारा अवैधानिक तरीके से शिक्षा का मजाक बनाते हुए गरीब बच्चों के हाथ से कलम छीनने व शिक्षा से वंचित किए जाने का कार्य किया जा रहा है।
ज्ञापन पर इन सबके हस्ताक्षर
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के साथ ही ज्ञापन पर सपा जिलाध्यक्ष अजय सागर, विधायक नसीर अहमद खां, कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, अताउर्रहमान, नवाब जान, हाजी नासिर कुरैशी, मोहम्मद फहीम इरफान, शहजिल इस्लाम, रफीक अंसारी, अतुल प्रधान, पंकज कुमार मलिक, पिंकी सिंह, इकबाल महमूद आदि के हस्ताक्षर हैं।


