दांव पर जान, सफर की मजबूरी में सिमटे सुरक्षा इंतजाम
रामपुर में शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। गांव-कस्बों तक पहुँचने के लिए लोग डग्गामार वाहनों पर निर्भर हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में है। नियमों की अनदेखी, क्षमता से अधिक सवारियां, और बिना फिटनेस के वाहन चलने के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं।

रामपुर। शासन के सख्त निर्देशों और यातायात सुधार के तमाम दावों के बावजूद जिले की सड़कों पर हालात जस के तस बने हुए हैं। रोडवेज बसों से लंबी दूरी के यात्रियों को भले ही कुछ राहत मिल रही हो, लेकिन जिले के भीतर गांव-कस्बों तक पहुंचने का सफर आज भी डग्गामार वाहनों के भरोसे है। जान दांव पर लगी हुई है, लेकिन सफर की मजबूरी में सुरक्षा के अरमान सिमट जाते हैं। केमरी, धमोरा, मिलक, शाहबाद, स्वार और टांडा जैसे प्रमुख मार्गों पर ऑटो,मैजिक और ईको वैनों का वर्चस्व है, जहां नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। क्षमता से अधिक सवारियां, मनमाना किराया और कई जगह बिना फिटनेस व परमिट के वाहन दौड़ रहे हैं। मगर बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जब्तीकरण के निर्देश आने के बाद एक उम्मीद जगी थी कि शायद अब सड़कें सुरक्षित हों और मजबूरी का यह खतरनाक सफर थमे। मगर उनके निर्देश आने के कुछ दिनों तक को सख्ती नजर आईं लेकिन,हालात सामान हो गए।
मिलक मार्ग पर भी डग्गामारों का कब्जा
रामपुर। मुख्यालय से मिलक तक का सफर करीब 25 किलोमीटर है। इस मार्ग पर भी मिलक तक के लिए रोडवेज की सेवा लचर है। इसका फायदा डग्गामार वाहनों के संचालक उठा रहे हैं। रोडवेज परिसर के बाहर वाहनों का हुजूम रहता है। करीब 40 से अधिक मैजिक और टेंपो वाहनों का संचालन इस मार्ग पर किया जा रहा है। क्षमता से अधिक सवारियां बैठाने के बाद भी डग्गामार वाहनों को रवाना किया जाता है। इनमें भी कई ऐसे वाहन हैं जिनकी फिटनेस और परमिट अभिलेख अधूरे हैं। इसके बावजूद चौराहे पर दिनभर बेखौफ इन वाहनों का संचालन हो रहा है। लोग मजबूर होकर वाहनों पर जोखिम भरा सफर तय कर रहे हैं।
नियमों की प्रतिदिन होती अनदेखी
रामपुर। शहर के महत्वपूर्ण मार्ग पर शामिल मिलक, बिलासपुर और शाहबाद मार्ग पर भी परिवहन सेवा बदतर है। कई सालों से मैजिक और टेंपो ही लोगों के लिए आवागमन का जरिया बना हुआ है। रोडवेज सेवा न होने से सुबह से ही चौराहे के पास बने अस्थायी स्टैंड पर डग्गामार वाहनों की कतार लग जाती है। मनमाना किराया वसूलने के बाद भी क्षमता से अधिक सवारियां बैठा दी जाती हैं। कई कंडम वाहनों का भी संचालन जारी है। आए दिन वाहनों के खराब होने का सिलसिला बना रहता है वहीं पूर्व में हादसे भी होते रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकताएं निभाने तक सीमित हैं।
बिना नगर पालिका के ठेके के होते वसूली
रामपुर। शहर में ऑटो औ मैजिक के लिए नगर पालिका की तरफ से ठेका किया जाता है। इससे नगर पालिका को प्रतिवर्ष लाखों रुपये का राजस्व होता है। मगर इस साल मार्च में ठेका समाप्त हो गया। जिसकेबाद भी अवैध रूप से ऑटो और मैजिक से रुपये की वसूली का खेल चल रहा है। इससे नगर पालिका के राजस्व को भी नुकसान हो रहा है।
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