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दो माह बाद गुरुद्वारे में सुचारू हुई लंगर व्यवस्था

दो माह बाद गुरुद्वारे में सुचारू हुई लंगर व्यवस्था

संक्षेप:

Rampur News - लगभग दो माह बाद पसियापुरा के धार्मिक स्थल पर लंगर की व्यवस्था फिर से शुरू की गई। पिछले तीन वर्षों से हजारा परिवार और नवाबगंज पक्ष के बीच विवाद चल रहा था। हाल ही में न्यायालय ने हजारा परिवार को प्रबंधन का अधिकार दिया, जिसके बाद लंगर की व्यवस्था सुचारू हुई। सुरक्षा व्यवस्था भी बरकरार है।

Nov 21, 2025 01:07 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामपुर
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लगभग दो माह बाद पसियापुरा स्थित धार्मिक स्थल पर लंगर की व्यवस्था को सुचारू किया गया। साथ ही मौके पर पुलिस प्रशासन भी भारी संख्या में तैनात नजर आया। गुरुद्वारे के प्रबंधन व संचालन को लेकर पिछले करीब तीन सालों से हजारा परिवार पक्ष व नवाबगंज पक्ष में विवाद चला आ रहा था। दोनों पक्षों में आए दिन इसी प्रकरण को लेकर विवाद होते रहें हैं। बीती 15 सितम्बर को गुरुद्वारे में दोनों पक्षों के बीच धारदार हथियार चले थे और डीएम व एसपी के सामने फायरिंग तक हुई थी। इसके बाद तत्कालीन डीएम व एसपी ने गुरुद्वारे पर तालाबंदी करा दी थी और क्यूआरटी, पीएसी समेत जिले भर से बुलाकर भारी फोर्स तैनात कर दी थी।

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साथ ही धार्मिक स्थल पर चलने वाली रोज की लंगर की व्यवस्था को भी बंद करवा दिया था। ताकि यहां अधिक भीड़ इकट्ठा न हो पाए। तब से यही स्थिति लगातार चली आ रही थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद न्यायालय में भी पहुंच चुका है और सिविल न्यायालय व उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। बीते दिनों सिविल जज (सीनियर डिवीजन) ने स्थानीय प्रशासन को गुरुद्वारे के प्रबंधन का अधिकार हजारा परिवार के पक्ष को देने के आदेश दिए थे। जिस पर बीते बुधवार को प्रशासन ने न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में ट्रस्ट को गुरुद्वारे के प्रबंधन का अधिकार सुनिश्चित कर दिया गया। हालांकि मौके पर कोई विरोध नहीं पाया गया। मगर एहतियात के तौर पर वहां तैनात सुरक्षा व्यवस्था अभी यथावत बनी है। धार्मिक स्थल पर भारी फोर्स की तैनाती नजर आई। उधर, धार्मिक स्थल की चाबी सौंपे जाने के बाद हजारा परिवार पक्ष ने कहा कि न्यायालय से उन्हें इंसाफ मिला है। वह काफी समय से अपने हक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। इसके अलावा धार्मिक स्थल पर हजारा पक्ष का कब्जा होने के बाद वहां लंगर की व्यवस्था सुचारू की गई। रोजाना चलने वाले लंगर की व्यवस्था लगभग दो माह से बंद पड़ी हुई थी। साथ ही एसडीएम अरुण कुमार सिंह और सीओ रविन्द्र प्रताप सिंह भी सुबह से ही फोर्स के साथ धार्मिक स्थल पर तैनात नजर आए। दोनों अधिकारियों ने बताया कि यहां शांति व्यवस्था कायम है। किसी भी प्रकार का उल्लंघन करने पर उनसे निबटने के लिए फोर्स तैनात है। कानून व्यवस्था के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।