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पातालेश्वर महादेव के श्रृंगार महोत्सव में उमड़ी भीड़

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महामृत्युंजय पंचाक्षर महामंत्रों के उच्चारण के बीच बाबा का फूलों से शृंगारार किया गया। इस दौरान शिव शंभू के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। आधी रात तक शिवालय में शिवलिंग दर्शन को शिवभक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर हर महादेव और जय पातालेश्वर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।

सावन मास के अंतिम दिन चतुर्दशी पर भमरौआ स्थित प्राचीन पातालेश्वर शिवलिंग का शृंगार उत्सव मनाया गया। रात को प्रारंभ हुए उत्सव में पहले बाबा को पंचामृत से अभिषेक किया। बाबा को दूध, शहद और गंगाजल से अभिषेक किया। स्नान के बाद शिव चंदन का लेप लगाया गया। महामृत्युंजय महामंत्र के मंत्रोच्चारण और जयकारों के बीच शुरू हुए बाबा का भव्य शृंगार। बाबा को इत्र लगाकर रंग बिरंगे फूलों से बाबा का हुआ शृंगार। बाबा को मुकुट पहनाया गया। शिवालय की भव्यता की छटा देखते ही बनती थी। बाबा के शृंगार के दौरान शिव जागरण हुआ। जिसमें भोले शंकर भी भेंटों पर रात भर श्रद्धालु भक्तिभाव से थिरकते रहे।

शृंगार पूर्ण होने के बाद रात करीब 11 बजे श्रीमहाकाल की आरती उतारी गई। आरती के बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। रात दो बजे तक बाबा के दर्शन करने श्रद्धालुओं भारी भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ कतार में खड़ी होकर दर्शन करती रही । बाबा के शृंगार और आरती के बाद प्रसाद ग्रहण करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। शिव महापुराण शास्त्रानुसार श्रद्धालुओं को शिव नैवेद्य वितरित किया गया। शिव नैवेद्य प्राप्त करने शहर से तमाम श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। सेवादार संदीप अग्रवाल सोनी, पंडित लालता प्रसाद शर्मा, सुनील कुमार अग्रवाल, अमित कुमार गुप्ता, पीयूष कुमार, संतोष प्रसाद, रामनिवास पाल, अमित गुप्ता समेत तमाम शिवभक्त मौजूद रहे।

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  • Web Title:Religious programme in temple in sawan