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1 जनवरी, 2021|10:21|IST

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रामपुर महोत्सव में दिखेगी रामायण की झलक

रामपुर महोत्सव में दिखेगी रामायण की झलक

रामपुर। निज संवाददाता

रामपुर महोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। महोत्सव में रामायण के सातो खंड की झलक देखने को मिलेगी साथ ही रामपुरी उत्पाद भी दिखेंगे। अफसरों ने इसको लेकर नुमाइश मैदान कानिरीक्षण किया साथ ही आवश्यक निर्देश दिए हैं।

रामपुर हुनर हाट के बाद प्रशासन की मंशा रामपुर महोत्सव को कराने की है। रामपुर महोत्सव के आयोजन को लेकर प्रशासन ने अब अपने स्तर से तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। इसी क्त्रम में अपर जिलाधिकारी प्रशासन जगदम्बा प्रसाद गुप्ता ने नगर मजिस्ट्रेट रामजी मिश्र, अवर अभियन्ता, रामपुर विकास प्राधिकरण व नगर पालिका के कर्मचारियों के साथ रामपुर महोत्सव मैदान का निरीक्षण किया गया। बताया कि श्रीराम वाटिका बनाए जाने हेतु महोत्सव के प्रत्येक खण्ड में रामायण के सातों खण्ड यथा बालकाण्ड, अयोध्याकाण्ड, अरण्यकाण्ड, किष्किंधा काण्ड, सुंदरकाण्ड, लंकाकाण्ड एवं उत्तर काण्ड की सामाजिक व्यवस्थाओं को चित्रित किया जाएगा साथ ही लोकल उत्पाद जैसे पतंग, जरीजरदोंजी, वॉयलिन, रामपुरी चाकू, रामपुरी टोपी एवं माटीकला के प्रतिरूप भी चित्रित किए जाएंगे। धर्म संस्कृति के रूप में रामायण सामाजिक एवं पारिवारिक व्यवस्था को किस प्रकार नैतिक एवं ऊँचाई पर रखता है यह जनसामान्य को जानने एवं समझने का मौका मिलेगा। श्रीराम के द्वारा किस प्रकार नारी सम्मान को स्थापित किया गया इसका उदाहरण सबरी एवं अहिल्या के प्रति राम के भाव एवं कृत्य से समझा जा सकता है। इसी प्रकार निषाधराज के प्रति उनके मैत्री भाव एवं आदिवासी विभिन्न राजनैतिक शक्तियों के साथ उनके बीच रहकर मधुर सम्बन्ध एवं उन्हें सम्मान प्रदान करना, तत्कालीन सामाजिक राजनैतिक व्यवस्था का बहुत ही सुंदर उदाहरण है। इसी के साथ भाईयों के प्रति आपसी प्रेम, माताओं के प्रति सौहार्द, पिता की आज्ञा का पालन, अपनों के प्रति सखा का भाव, पत्नी की रक्षा, सुरक्षा एवं संरक्षा के साथ ही धर्म एवं संस्कृति की रक्षा के लिए अनैतिक शक्तियों का उन्मूलन, ये सारी चीजें श्रीराम वाटिका की विषयवस्तु में होगीं। रामराज्य की संकल्पना को दर्शाते हुए सुंदर वीथिका के साथ-साथ लाइट एवं साउण्ड के माध्यम से रामायण के मचंन से जीवन जीने की उत्तम शिक्षा, जो अलौकिक , सामाजिक और पारिवारिक व्यवस्था की शिक्षा देती है। जो त्याग की शिक्षा देती है, जो नैतिक आदर्श की शिक्षा देती है, जो नारी सम्मान की शिक्षा देती है, जो लोककल्याणकारी राज्य के स्वरूप की शिक्षा देती है, जो लोक मर्यादा की शिक्षा देती है, जो लोकसंग्रह की शिक्षा देती है, जो राजधर्म एवं पारिवारिक धर्म में उत्तरदायित्व के निर्वहन की शिक्षा देती है, जो दलित, शोषित एवं आदिवासी लोगों के उत्थान एवं उन्हें सम्मानजनक स्थान देने की शिक्षा देती है ऐसे सभी नैतिक एवं सामाजिक आदर्शों को श्रीराम वाटिका में दर्शाये जाने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि समाज में आने वाली पीढ़ी अपनी संस्कृति एवं नैतिक आदर्श से परिचित हो सके। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को शीघ्र ही ब्लूप्रिंट तैयार किए जाने हेतु निर्देश दिए हैं।

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  • Web Title:Ramayan will be seen in Rampur Festival