45 लाख की लकड़ी तस्करी में कई की गर्दन फंसना तय

Mar 03, 2026 01:31 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामपुर
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Rampur News - पंजाब में खैर की लकड़ी तस्करी के मामले में निलंबित वन रेंजर और चार अन्य आरोपियों पर जल्द प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। डीएफओ ने जांच के लिए पत्र लिखा है। हाल के छह महीनों में अवैध कटान और तस्करी में तेजी आई है, जिससे वन विभाग की मिलीभगत का आरोप लग रहा है।

45 लाख की लकड़ी तस्करी में कई की गर्दन फंसना तय

पंजाब से खैर की लकड़ी के साथ ही करीब एक दर्जन संदिग्ध लोगों को पूछताछ के बाद छोड़ देने के मामले में निलंबित वन रेंजर के साथ ही चार और आरोपियों पर वन विभाग की ओर जल्द प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है। इस मामले में कई और गर्दन फंसना तय माना जा रहा है। मालूम हो कि दो दिन पूर्व डीएफओ प्रणव जैन ने वन रेंजर समेत चार आरोपियों के खिलाफ जांच के लिए एसपी को पत्र लिखा है। जिसके बाद जांच शुरू हो चुकी है। जांच में आरोप साबित होने पर सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

पीपली वन क्षेत्र में बीते वर्ष से लगातार तस्करों के होसले बुलंद होते जा रहे है। आकड़ो की माने तो जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक पुलिस और लकड़ी तस्करों को बीच लगभग 25 मुठभेड़ हो चुकी है। इन मुठभेड़ों के दौरान पुलिस के दृारा तस्करों के 17 वाहन पुलिस की गिरफ्त में आ चुके है लेकिन अभी तक कोई आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नही है। जबकि विभाग की ओर से अब तक लगभग आठ अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। नहीं रुक पा रहा अवैध कटान पीपली वन क्षेत्र बीते छह माह में जितना अवैध कटान से उजड़ा है, उतना पिछले तीन दशकों में भी नहीं उजड़ा। वर्ष 1990 से 2000 के बीच खुलेआम खैर की तस्करी के मामले सामने आए थे। समय-समय पर कार्रवाई और मुठभेड़ भी हुईं लेकिन अवैध कटान और तस्करी का सिलसिला पूरी तरह थम नहीं सका। बीते छह माह में अवैध कटान में तीन रेंजर हटाए जाने के बावजूद कटान और तस्करी नहीं रुक पा रही है। लगभग पांच हजार हेक्टेयर में फैले पीपली वन की अंबरपुर और आर्यनगर बीट से खैर के पेड़ लगभग समाप्त हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतने बड़े पैमाने पर कटान वन विभाग की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार पंजाब में पकड़े गए तस्कर बड़े गिरोह के सदस्य हैं। इनका गिरोह उत्तराखंड, हिमांचल, पंजाब और नेपाल तक फैला हुआ है। डीएफओ की जांच रिपोर्ट में भी सामने आया कि पंजाब से पकड़े गए गिरोह के वन तस्कर को छोड़ा गया है। तस्करी के खेल में हो सकते हैं कई और खुलासे पीपली वन से खैर की लकड़ी की तस्करी लंबे समय से हो रही है। इस बीच वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में खैर की लकड़ी तस्करी कर पंजाब में एकत्र की जा रही है। सूचना के बाद 17 फरवरी को डीएफओ प्रवीण जैन के नेतृत्व में टीम ने पंजाब में छापामार लकड़ी समेत चार तस्करों को दबोचा गया था। डीएफओ प्रणव जैन ने बताया कि बीते तस्करी के प्रकरण में वन रेंजर को संस्पैंड कर दिया गया है। वही आरोपियों के खिलाफ जांच के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है जिसके बाद जांच शुरु हो चुकी है। जांच के दौरान कई लोगो के चेहरे से नकाब उतरने की उम्मीद है। जांच पूरी होने के बाद इस प्रकरण में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना है

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