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2 नवंबर, 2020|11:18|IST

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गांवों में पराली न जलाने को समझाएं प्रधान: कोतवाल

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गांवों में पराली (फसल अवशेष) जलाने को लेकर प्रशासन सख्त और सतर्क है। इसको लेकर प्रधानों की भी जवाबदेही तय की गई है। इस संबंध में प्रधानों से अपील की गई है कि वे गांवों में इसको लेकर समझाएं। पराली जली तो संबंधित प्रधान पर भी कार्रवाई होगी। इस संबंध में शाहबाद कोतवाली में प्रधानों और किसान नेताओं की बैठक बुलाई गई। जिसमें कोतवाल शिवचरन सिंह ने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण को कितना खतरा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण प्रदूषण पर शासन सख्त है। पराली जलाने पर जुर्माने या मुकदमे का प्रावधान किया गया है। साथ ही प्रधानों की जवाबदेही है। यदि किसी गांव में पराली जलाई गई तो किसान के साथ ही ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई होगी। प्रधानों ने बताया कि शाहबाद क्षेत्र में पराली नहीं जलाई जाती है। धान के अवशेष भी खेतों से खत्म हो चुके। ईख के अवशेष बचे हैं, उन पर विशेष नजर रखी जाएगी। इस मौके पर इंस्पेक्टर क्राइम गुरुपाल सिंह, भाकियू के प्रदेश प्रमुख सचिव दरियाव सिंह यादव, जिला संगठन मंत्री फौजी बुंदू अहमद, राहत खां, प्रधानपति नईमगंज प्रेमपाल सिंह, प्रधान तेजपाल सिंह, प्रधान जयतौली अनवार हुसैन, प्रधानपति मित्तरपुर आदि रहे।

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  • Web Title:Principal to explain not burning stubble in villages Kotwal