
जश्न-ए-रेख्ता में शायर सरोश आसिफ की किताब का विमोचन
Rampur News - शायरी की दुनिया में रामपुर का कद और ऊंचा हुआ है। रामपुर के युवा शायर सय्यद सरोश आसिफ की किताब गंगा जमुनी तहजीब के सबसे बड़े जलसे जश्न-ए-रेख्ता में...
शायरी की दुनिया में रामपुर का कद और ऊंचा हुआ है। रामपुर के युवा शायर सय्यद सरोश आसिफ की किताब गंगा जमुनी तहजीब के सबसे बड़े जलसे जश्न-ए-रेख्ता में चुनी गई और इसे प्रकाशित किया गया है। रामपुर के शाहबाद कस्बा निवासी सरोश उर्दू जुबान के उभरते शायर हैं और कई देशों में हुए मुशायरों व जलसों में हिस्सा ले चुके हैं।

दो से चार दिसम्बर तक दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में हिंदी-उर्दू के गीत-संगीत, मुशायरे और किस्सागोई का जश्न मनाने के लिए रेख़्ता फाउंडेशन की ओर से बड़े पैमाने पर जलसे का आयोजन किया गया था। इसमें रामपुर के शाहबाद कस्बा निवासी युवा शायर सय्यद सरोश आसिफ भी शामिल हुए। सरोश ने बताया कि उन्हें रेख्ता फाउंडेशन की ओर से न्यौता मिला था। इस पर काफी खुशी महसूस हुई।
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रेख्ता ने किताब प्रकाशन की जताई इच्छा:
शाहबाद। शायर सरोश ने बताया कि वह 2018 में जश्न-ए-रेख्ता में आर्टिस्ट के रूप में परफाॅर्म कर चुके हैं। अब उनकी किताब आई थी। इस पर रेख्ता से उन्हें न्यौता मिला, कहा गया कि उनकी किताब 'खामोशी का मौसम' प्रकाशित करता चाहते हैं। इस पर वह दो से चार दिसम्बर तक दिल्ली में हुए जलसे में शामिल हुए। उनकी किताब का फर्स्ट लुक और उसके बाद किताब लांच की गई।
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सौ से अधिक गजलों का संग्रह खामोशी का मौसम:
शाहबाद। रेख्ता फाउंडेशन की ओर से प्रकाशित की गई सरोश की किताब खामोशी का मौसम सौ से अधिक गजलों का संग्रह है। इसमें तमाम ख्यालात और अहसास शामिल हैं।
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