नपं की दुकानों के नामांतरण के विरोध में उतरे सभासद
Rampur News - नगर पंचायत की दुकानों के अवैध नामांतरण का विरोध शुरू हो गया है। सात बोर्ड मेंबर्स ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे अवैध बताया है। पहले आवंटन में घपला हुआ था, जिसमें अपात्र लोगों को दुकानों का आवंटन...

आवंटन कराकर अवैध रूप से बेची गईं नगर पंचायत की दुकानों के नामांतरण का विरोध शुरू हो गया है। खुद नगर पंचायत बोर्ड मेंबर्स खिलाफ उतर आए हैं। सत्तरह में सात बोर्ड मेंबर्स ने इसे अवैध प्रक्रिया करार देते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि शाहबाद में नगर पंचायत ने सालों पहले समय-समय पर कुल 283 दुकानें बनाकर आवंटित की थीं। आवंटन के वक्त जबरदस्त घपला हुआ था। इन्हें मामूली पगड़ी और महज तीन सौ रुपए मासिक किराए पर उन लोगों को आवंटित किया गया जो अपात्र थे। उन्हें दुकान की आवश्यकता नहीं थी। नतीजतन, हजारों में आवंटित दुकानों को लाखों में बेच दिया या मोटे किराए पर दूसरे को दे दी।
कई माह पहले तत्कालीन ईओ पुष्पेंद्र राठौर ने घपला पकड़ा तो जांच और कार्रवाई का सिलसिला चला। लेकिन मामला बार-बार ठंडे बस्ते में जाता रहा। अब डीएम की सख्ती के बाद नगर पंचायत ने बीच का रास्ता निकाल लिया, ताकि दुकान पर बैठे लोगों को उजड़ने से बचाया जा सके। नगर पंचायत ने इसके लिए नामांतरण प्रक्रिया अपना रही है। इसके तहत निर्धारित रकम अदा कर दुकान में बैठे व्यक्ति के नाम दुकान हस्तांरित हो जाएगी। मूल आवंटी को खारित कर दिया जाएगा। अब तक तीस से अधिक दुकानदारों ने नामांतरण शुल्क भी जमा करा दिया है। खुली बोली से नीलामी से बढ़ेगा राजस्व: नगर पंचायत के सभासद सय्यद बब्लू अली, जाजिब खां, नाजिया परवीन, महावीर, साबिर हुसैन, बिमला, रेशमवती आदि सभासदों ने सीएम को लिख पत्र में कहा है कि इस प्रक्रिया के लिए राज्य सरकार का अनुमोदन जरूरी है। जबकि गलत पाए गए मूल आवंटियों को खारिज कर इन दुकानों की खुली बोली से नीलामी कराई जानी चाहिए। जिससे राजस्व को फायदा होता। लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदारों ने गलत तरीके से दुकानों पर बैठे लोगों से साठगांठ कर ली है और नियम विरुद्ध नए आवंटन की रसीदें काटी हैं।
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