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रामपुर

अब अनाथ हुए बच्चों के घर पहुंचेंगे अफसर और कर्मचारी

हिन्दुस्तान टीम,रामपुरPublished By: Newswrap
Mon, 14 Jun 2021 10:40 PM
अब अनाथ हुए बच्चों के घर पहुंचेंगे अफसर और कर्मचारी

कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों की संख्या बढ़ गई है। अब यह संख्या 33 पहुंच गई है। इन अनाथ बच्चों को मदद के लिए अफसर और कर्मचारी घर-घर पहुंचकर उनके जख्मों पर मलहम लगाने की कोशिश करेंगे। फिलहाल यह बच्चे दूसरे के रहमों-करम पर फिलहाल जीवन यापन कर रहे हैं। इन बच्चों को सरकारी इमदाद के लिए प्रशासन ने अपने स्तर से कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कोरोना ने तमाम लोगों की दुनिया को उजाड़ दिया। कोरोना ने यूं तो पूरे देश में तबाही मचाई इससे अपना शहर भी अछूता नहीं रहा। सरकारी आंकड़ों की मानें तो जिले में कोरोना से अब तक 145 की मौत हुई जबकि सूत्रों की मानें तो यह संख्या कहीं और भी ज्यादा हो सकती है,इसमें महिलाएं व पुुरुष दोनों शामिल हैं। कोरोना ने पूरे परिवार को अपनी जकड़ में ले लिया। एक-एक परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया। तमाम बच्चों के सिर से इस दौरान माता पिता का साया उठ गया। रामपुर में भी अभी तक 33 बच्चे अपने माता पिता खो चुके हैं। छह बच्चे ऐसे मिले हैं,जिनके माता पिता इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। इसका खुलासा प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे में हुआ है। अभी प्रशासन की ओर से लगातार सर्वे कराया जा रहा है। यह संख्या अभी और बढ़ सकती है। अब इन बच्चों के घर पहुंचकर इनकी सुध ली जाएगी। फायदा पहुंचाने के लिए बच्चों या फिर उन संरक्षकों से बातचीत की जा रही है,ताकि इन लोगों को लाभ दिलाया जा सके।

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अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का मिलेगा लाभ

रामपुर। कोरोनाकाल में अनाथ हुए बच्चों के लिए सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की घोषणा की गयी है। प्रदेश सरकार कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। इस योजना के तहत ऐसे बच्चे जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने दोनों माता-पिता अथवा यदि उनमें से एक ही जीवित थे तो उन्हें, अथवा यदि दोनों माता-पिता नहीं हैं तो लीगल गार्जियन को खो दिया हो और जो अनाथ हो गए हों, को इस योजना में शामिल किया जाएगा। इस योजना में ऐसे बच्चों को भी शामिल किया जाएगा, जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता में से आय अर्जित करने वाले अभिभावक को खो दिया हो। राज्य सरकार इन बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य, बेहतर शिक्षा-दीक्षा हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। अनाथ हुए बच्चों की देखभाल हेतु प्रदेश सरकार बाल सेवा योजना' के तहत उनके अभिभावक को चार हजार रुपए प्रतिमाह प्रति बच्चे की दर से वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। दस वर्ष से कम आयु के ऐसे सभी बच्चे जिनके अभिभावक व फैमिली नहीं हैं उनको राजकीय बाल गृह में रखा जाएगा।

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चाइल्ड लाइन ने अनाथ बच्चों को लाभ दिलाने को शुरू की मुहिम

रामपुर। चाइल्ड लाइन 1098 की जिला समन्वयक नवनीत कौर ने कार्यलय में बैठक कर कहा कि संक्त्रमण की दूसरी लहर ने कई बच्चों के सिर से उनके माता-पिता का साया छीन लिया। सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया है, जिसमे मुख्यमंत्री की इस विशेष योजना से बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। सभी टीम मेम्बर ऐसे बच्चे जिनके माता पिता मत्यु कोरोना काल मे हो गयी हो उनको चिन्हित करके मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से लाभान्वित कराये और यदि किसी को आवेदन भरने में परेशानी हो रही है तो उनकी आवेदन भरने में मदद करें और लोगो को जागरूक कराएं। बैठक में मोहम्मद नदीम, अज़ान अहमद, असद अली , शिवम सिंह , रुचिका राही, चित्रा आदि मौजूद रहीं।

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-जनपद में शासन के निर्देशों के बाद निर्धारित पात्रता के अंतर्गत बच्चों के चिन्हांकन की प्र्त्रिरया लगातार जारी है। अब तक निर्धारित पात्रता के अंतर्गत जनपद के 33 बच्चे चिन्हित किए जा चुके हैं। सर्वे की टीमें लगातार स्त्रिरय की गई हैं। सभी को निर्देश दिया है कि टीमें घर-घर जाकर बच्चों से आवेदन पत्र भरवा रहे हैं।

राजेश कुमार

जिला प्रोबेशन अधिकारी

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