
मनरेगा के 2.22 लाख श्रमिकों को बताना होगा ‘अभी हम जिंदा हैं...
Rampur News - इस वर्ष से मनरेगा श्रमिकों को जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होगा। 2.22 लाख सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी कराई जाएगी, जिसमें श्रमिक की फोटो और पलकों की झपकाने की प्रक्रिया शामिल होगी। यह प्रक्रिया...
सरकारी पेंशनर्स की तरह इस साल से मनरेगा श्रमिकों को जीवित होने का प्रमाण पत्र देना होगा। मनरेगा के सक्रिय 2.22 लाख श्रमिकों की ई-केवाईसी कराई जाएगी, जिसमें श्रमिक की न केवल फोटो बल्कि दो से तीन बार पलक झपकाने की प्रक्रिया भी अपलोड होगी। मनरेगा जॉबकार्ड धारक परिवारों में सक्रिय श्रमिकों को नियमित रोजगार देने के साथ ही अब उनके जीवित होने का प्रमाण पत्र भी वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर अपलोड किए जाने की व्यवस्था दी गई है। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से दिए गए नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से ई-केवाईसी कराए जाने के लिए कहा है।

ई-केवाईसी के लिए मोबाइल पर नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम के साथ ही आधार फेस प्रमाणीकरण एप को भी इंस्टॉल करना होगा। इसके माध्यम से मनरेगा श्रमिकों के जीवित होने का प्रमाण पत्र अपलोड किया जाएगा। जिले में यह प्रक्रिया शुरू कराई गई है। इस प्रक्रिया से मनरेगा में आए दिन होने वाली घपलेबाजी पर अंकुश लगा हुआ नजर आएगा। किस ब्लाक में कितने हैं मनरेगा श्रमिक बिलासपुर-42810 चमरौआ-21521 मिलक-46800 सैदनगर-25583 शाहबाद-39594 स्वार-46532 मनरेगा जॉब कार्ड पर अंकित सभी सक्रिय श्रमिकों की ई-केवाईसी कराई जानी है। इस बार ई-केवाईसी के लिए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम पर ई-केवाईसी एप दिया है। इसके लिए आधार फेस प्रमाणीकरण एप भी मोबाइल में डाउनलोड करना होगा। उसी के माध्यम से प्रमाण पत्र अपलोड होंगे। -अमित कुमार, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार।

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