
संतों की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं भगवान: कन्हैया लाल
Rampur News - रामपुर में गौ सेवा गोपाल सेवा समिति द्वारा आयोजित श्री मदभागवत कथा में पंडित कन्हैया लाल शर्मा ठाकुर जी महाराज ने कृष्ण लीलाओं और गोवर्धन पूजा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान पृथ्वी पर असुरों...
रामपुर। गौ सेवा गोपाल सेवा समिति के तत्वाधान में आदर्श धर्मशाला में चल रही श्री मदभागवत कथा में व्यास पंडित कन्हैया लाल शर्मा ठाकुर जी महाराज ने कृष्ण लीलाओं और गोवर्धन पूजा का वर्णन करते हुए भक्तों को बताया कि असुरो के संघर्ष एवं संतों की रक्षा के लिए भगवान पृथ्वी पर अवतार लेते हैं। कहा कि कृष्ण की माटी लीला द्वारा माता यशोदा को अपने मुख से सारे ब्राह्मांड के करा कर बताया कि मैं ही परमपिता परमेश्वर हूं ,जो लीला करने के लिए पृथ्वी पर आया हूं। माता यशोदा के डरने पर भगवान श्री कृष्ण ने फिर बाल रूप धारण कर लिया और फिर बाल रूप धारण कर माता को बताया कि मैं तेरा लाला हूं।

मुसल लीला करते हुए बकासुर अघासुर आदि राक्षसों का उद्धार किया। धानुका का उद्धार करते हुए कालिया नाग मर्दन का उद्धार किया। राजा इंद्र को अपनी शक्ति पर अभिमान हो गया था,इंद्र की अभिमान को नष्ट करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर सात दिन तक धारण किया ,फिर गोवर्धन भगवान की पूजा कर 56 प्रकार के भोग लगाए गए और इस प्रकार भगवान ने अहंकार का अंत किया। भगवान प्रेम के भूखे हैं। इस अवसर पर कथा में संयोजक नरेश शर्मा,भारत भूषण गुप्ता ,हरि ज्ञान सिंह यादव ,मीना अग्रवाल ,दीपक सिंह ,राजीव अग्रवाल ,दीप जोशी ,जी के श्रीवास्तव ,डॉ जेपी सिंह ,सीता गुप्ता ,विनीत शर्मा ,संजीव यादव एडवोकेट आदि उपस्थित रहे।

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