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रेलवे क्रासिंग पर फाटक बंद, एंबुलेंस में डिलीवरी

मिलक में रेलवे क्रासिंग बंद, आशा ने एम्बुलेंस में कराई डिलीवरी

सराहनीय कार्य

जच्चा की हालत बिगड़ती देख आशा ने उठाया सूझबूझ भरा कदम

रेलवे क्रासिंग खुलने पर जच्चा-बच्चा को सीएचसी में भर्ती कराया

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मिलक (रामपुर)। हिन्दुस्तान संवाद

रेलवे क्रासिंग पर फाटक बंद होने के कारण फंसी एम्बुलेंस में ही सोमवार को आशा ने प्रसव कराया। जच्चा की हालत बिगड़ती देखकर आशा ने सूझबूझ से एंबुलेंस में ही सकुशल प्रसव करा दिया। रेलवे फाटक खुलने के बाद जच्चा-बच्चा को मिलक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां दोनों का स्वास्थ्य फिलहाल ठीक बताया गया है।

थाना मिलक के ग्राम कल्याणपुर निवासी प्रदीप की पत्नी राखी को सोमवार की सुबह 8 बजे लेबर पेन हुआ। पति ने 108 को फोन किया और 8:30 बजे एंबुलेंस प्रसूता को लेकर गांव से निकल गई। मिलक-पटवाई के बीच रेलवे क्रासिंग बंद होने से परिजनों के होश उड़ गए। पति प्रदीप ने गेटमैन से एंबुलेंस पार कराने के लिए एक मिनट के लिए फाटक खोलने को काफी मिन्नतें कीं। गुमटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी ने संरक्षा का हवाला देते हुए क्रासिंग का फाटक खोलने से साफ इंकार कर दिया।

इस दौरान राखी का दर्द बढ़ता गया और वह चीखने-चिल्लाने लगी। एंबुलेंस में तैनात एमटी धर्म सिंह यादव ने एंबुलेंस में मौजूद आशा सीमा से डिलीवरी कराने को कहा। आशा ने भी स्थिति की नजाकत को समझते हुए इसके लिए तत्काल तैयार हो गईं। इस पर एंबुलेंस में मौजूद प्राथमिक उपचार की किट उपलब्ध करा दी गई। आशा सीमा ने सूझबूझ के साथ एंबुलेंस में ही राखी को सकुशल प्रसव करा दिया। बच्चे का जन्म होते ही पटरी पर धड़धड़ाते हुए ट्रेन गुजर और रेलवे फाटक खुल गया। इसके बाद तत्काल जच्चा-बच्चा को मिलक अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है।

आशा सीमा का कार्य सराहनीय है। अन्य आशाओं को भी सीमा से प्रेरणा लेना चाहिए। विपरीत परिस्थितियों में कार्य सफलता पूर्वक करने पर कार्यकुशलता का अंदाजा लगता है।

डा. अमिता शर्मा, सीएमएस, महिला जिला अस्पताल रामपुर

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