रामपुर में पाली जा रहीं थी प्रतिबंधित थाई मांगूर मछलियां, प्रशासन ने नष्ट कराईं
एक गांव के तालाब में प्रतिबंधित मांगूर मछलियों के पालन की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जांच करवाई। जांच में 1200 मांगूर मछलियां पाई गईं। टीम ने मछलियों को पकड़कर मिट्टी से गड्ढा भर दिया। इस घटना से गांव में हलचल मची। मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम हकीमगंज से संबंधित है।

एक गांव के दो बीघा के तालाब में पालन होने की पोल शनिवार को तब खुली, जब ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने संबंधित विभाग की एक टीम को जांच के गांव भेजा।
जांच की प्रक्रिया
बहरहाल गांव में तालाब के निरीक्षण में ग्रामीणों की शिकायत सही पाए जाने के बाद रविवार को टीम ने पुन: गांव पहुंचकर तालाब में जाल डालकर प्रतिबंधित प्रजाति की मांगूर मछली को पकड़वाकर बाहर निकवाया। उसके बाद गड्ढा खोदकर उसमें डलवा दिया। ऊपर से नमक का छिड़काव करके मिट्टी डालकर गड्ढे को समतल करा दिया। इस कार्रवाई से गांव में खलबली मची रही।
मामले की जानकारी
प्रतिबंधित मांगुर मछली के पालन व बाद में विनिष्टीकरण की कार्रवाई कराने का मामला अजीमनगर थाना क्षेत्र के ग्राम हकीमगंज से जुड़ा है जो यहां के सैदनगर ब्लॉक व तहसील सदर क्षेत्र में आता है। इस गांव के लोगों ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की थी।
टीम की कार्रवाई
डीएम के निर्देश पर मत्स्य विभाग और राजस्व की संयुक्त टीम ने शनिवार को गांव पहुंचकर जांच की थी। यहां जांच के दौरान पाया गया कि करीब दो बीघा क्षेत्रफल वाले तालाब में प्रतिबंधित मांगूर मछलियों को सामान्य प्रजाति की मछलियों के साथ मिलाकर पाला जा रहा था। टीम ने तालाब में लगभग तीन हजार मछलियों का आंकलन किया, जिनमें करीब 1200 प्रतिबंधित मांगूर मछलियां थीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


