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रामपुर में बाढ़ आई तो 215 गांव में मचेगी तबाही

हिन्दुस्तान टीम,रामपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 11:30 AM
रामपुर में बाढ़ आई तो 215 गांव में मचेगी तबाही

रामपुर। निज संवाददाता

यदि रामपुर पर मानसून मेहरबान रहा तो बाढ़ की विभीषका से कोई नही बचा सकता। खासतौर से जिले के 21 5 गांव तो तबाह हो ही जाएंगे। हर साल बाढ़ की विभीषका झेल रहे लोग इस बार भी बाढ़ आने की आशंका से चितिंत नजर आ रहे हैं। प्रशासन हर बार प्लान तो तैयार करता है, लेकिन यह प्लान सिर्फ कागजों में ही दौड़ता है।

रामपुर एक ओर कोसी नदी तो दूसरी ओर रामगंगा तो तीसरी तरफ बहल्ला नदी के किनारों से घिरा हुआ है। खासतौर से स्वार, टांडा, बिलासपुर व शाहबाद के लोग तो हर बार बाढ़ की चपेट में आते हैं। बाढ़ की त्रासदी यहां के दो सौ से ज्यादा गांव के करीब एक लाख से ज्यादा लोग हर दफा झेलते आए हैं। लेकिन सरकारी तैयारियों के आगे बाढ़ की विभीषीका बौनी साबित होती है। हर साल कोसी, रामगंगा और बहल्ला नदी बाढ़ से लोगों को तबाह कर देती है। हर साल प्रशासन की ओर से बाढ़ के लिए प्लान तो तैयार किया जाता है। लेकिन इसको लेकर कोई ठोस रणनीति नहीं आती थी, जिसकी वजह से यहां के करीब एक लाख की आबादी हर साल बाढ़ से प्रभावित होती है। हालांकि प्रशासन की ओर से बाढ़ से निपटने के लिए हर साल प्रयास जरूर किए जाते हैं,लेकिन इन कोशिशों पर बाढ़ का पानी फिर जाता है।

कहां कितने गांव रहते हैं बाढ़ के मुहाने पर

शाहबाद 70

बिलासपुर 39

सदर 38

टांडा 37

मिलक 09

कुल 215

2010 में तबाही मचा चुकी है बाढ़

रामपुर। 2010 में रामपुर में बाढ़ तबाही मचा चुकी है। 2010 में जोरदार बारिश के बाद कोसी व रामगंगा नदी के जरिए जिले में बाढ़ ने कहर बरपाया था। इस बाढ़ से शाहबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा तबाही हुई थी। रामपुर शाहबाद रोड पूरी तरह कट गया था, जिसकी वजह से लोग परेशान हुए थे। करोड़ों रुपये का उस वक्त नुकसान भी हो चुका है।

बाढ़ से निपटने को कसी कमर, 35 चौकियां स्थापित

रामपुर। मानसून की मेहरबान हुआ तो बाढ़ की विभीषीका झेलना पड़ सकती है। इस आशंका को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। प्रशासन ने बाढ़ से निपटने का प्लान तैयार करते हुए जिले में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाले 35 गांवों में बाढ़ चौकियां स्थापित कर दी हैं। साथ ही प्रसासन ने जिला व तहसील स्तर पर बाढ़ स्टेयरिंग कमेटी का गठन कर दिया है साथ ही प्रत्येक विभाग ने भी प्लान तैयार कर लिया है। प्रशासन ने बाढ़ की सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है।

इस दफा मानसून मेहरबान रहा तो बाढ़ की आशंका एक बार फिर गहरा सकती है। रामपुर में आने वाली बाढ़ से जिले के 215 गांव प्रभावित होते हैं। बाढ़ शाहबाद, स्वार व टांडा क्षेत्र में सबसे ज्यादा तबाही मचाती है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने अपना प्लान तैयार क लिया है। तैयार किए गए प्लान के अनुसार जिले में बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित रहने वाले क्षेत्रों में प्रशासन ने 35 बाढ़ चौकियों की स्थापना कर दी है। इसके अलावा जिला स्तर पर जिलाधिकारी जबकि तहसील स्तर पर एसडीएम स्तर के नेतृत्व में बाढ़ स्टेयरिंग कमेटियां गठित की हैं। इसके अलावा प्रशासन के आदेश पर सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों ने भी अपनी कार्य योजना को तैयार कर लिया गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर एडीएम दफ्तर में कंट्रोल रूम भी स्थापित कर दिया है। जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों के साथ ही सिंचाई व नहर विभाग के अधिशासी अभियंताओं को आदेश जारी करते हुए बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।

कहां कितनी बाढ़ चौकियां बनाई

सदर 07

मिलक 04

टांडा 06

स्वार 06

शाहबाद 06

बिलासपुर 06

कुल 35

बाढ़ से निपटने के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। सभी अफसरों को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ से निपटने का पूरा इंतजाम किए जाएं। बाढ़ आने पर कम से कम नुकसान हो इसके पूरे इंतजाम किए जाएं।

रविंद्र कुमार मांदड़,जिलाधिकारी

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