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अल्प बचत से बन सकता है सुनहरा कल

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अर्थशास्त्र परिषद के तत्वाधान में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन विषय पर हुई। एसबीआई के मुख्य प्रबंधक अजीत कुमार ने कहा कि आज की बचत से ही कल सुनहरा बन सकता है।

कालेज में मंगलवार को अर्थशास्त्र विभाग की ओर से हुई गोष्ठी में मुख्य प्रबंधक ने छात्राओं को आरडी, एफडी, एसआईपी, म्यूचुअल फंड के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रचार्य डा. वंदना शर्मा ने कहा कि हम छोटी बचत से ही बड़े निवेश कर अपना भविष्य संवार सकते हैं। अर्थशास्त्र प्रभारी डा.रजनी रानी अग्रवाल ने कहा कि वित्तीय समावेशन के द्वारा हम व्यक्तिगत, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर समावेशी विकास के लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। पीयूष गिरि और हार्मेंद्र शुक्ला ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन डा. शत्रुजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम में डा. अंकिता, डा. अरुण कुमार, डा. सबीहा परवीन, डा. अनीता रानी कन्नौजिया, डा. निशात बानो, डा. देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Golden future can be made from small savings