Encounter in pipli forest - पीपली वन में वन तस्करों और सुरक्षा कर्मियों में मुठभेड़ DA Image
12 दिसंबर, 2019|8:59|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पीपली वन में वन तस्करों और सुरक्षा कर्मियों में मुठभेड़

पीपली वन में वन तस्करों और सुरक्षा कर्मियों में मुठभेड़

सोमवार एवं मंगलवार की रात तस्करों ने लगभग एक दर्जन खैर के पेड़ काट लिए और लकड़ी जंगल से उठा ले गए। बुधवार को भी तस्कर जंगल में घुस गए और वन सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाब में सुरक्षाकर्मियों ने भी गोलियां चलाईं। गोलीबारी में वनकर्मी बाल-बाल बचे। इससे पहले खैर के पेड़ काटे जाने की जानकारी होने पर मंगलवार की शाम डीएफओ भी पीपली वन पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया।

सर्किल के थाना मिलक खानम क्षेत्र में उत्तराखंड सीमा से सटा यह वन कई हजार हैक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ था लेकिन वन तस्करों और अतिक्रमणकारियों के कारण यह प्रति वर्ष सिकुड़ता जा रहा है। सोमवार और मंगलवार की रात्रि वन तस्कर फिर सक्रिय हुए और उत्तराखंड सीमा से सटे कम्पार्टमेंट नंबर चार से कई विशालकाय खैर के वृक्ष काट लिए गए। कटान की भनक भी वन विभाग के सुरक्षा कर्मियों को नहीं हो पाई और वे लकड़ी भी आसानी से बाहर निकाल ले गए। बड़े पैमाने पर हुए कटान की सूचना जब डीएफओ एके कश्यप को मिली तो हड़कंप मच गया। वह मंगलवार की देर शाम पीपली पहुंच गए और अवैध कटान का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय वन अधिकारी एवं सुरक्षा कर्मियों को तस्करों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश तो दिए ही तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के भी निर्देश दिए। इसके बावजूद वन तस्करों ने बुधवार को फिर जंगल में घुस गए। नकाबपोश हथियारबंद तस्कर पीपली वन में वन सुरक्षाकर्मियों के ललकारने पर उन्होंने फायरिंग शुरु कर दी। जवाब में सुरक्षा कर्मियों ने भी फायरिंग की जिसके चलते तस्कर भाग खड़े हुए। पीपली वन में स्टॉफ की कमी और पर्याप्त मात्रा में असलहों का न होना पीपली वन की सुरक्षा में रोड़ा बने हुए हैं। मंगलवार की रात उन्होंने वन क्षेत्र का दौरा किया जहां खैर के चार वृक्ष कटे पाए गए। उत्तराखंड के कलकत्ता गांव के तस्करों ने कटान किया है। अज्ञात तस्करों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। एके कश्यप, डीएफओ रामपुर

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Encounter in pipli forest