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75 ग्राम पंचायतों को मिले 6.57 लाख

75 ग्राम पंचायतों को मिले 6.57 लाख

संक्षेप:

Rampur News - ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने पहली बार अनुदान की जगह प्रोत्साहन राशि देने की योजना बनाई है। 75 ग्राम पंचायतों को 6.57 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। शाहबाद ब्लाक की ग्राम पंचायत सोहना को सबसे अधिक 90105 रुपये मिले हैं। यह योजना पंचायतों को अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

Dec 29, 2025 12:29 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामपुर
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ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई पहल की गई है। पहली बार शासन ने ग्राम पंचायतों को अनुदान की जगह प्रोत्साहन राशि दी है। अपने संसाधनों से अपने गांव की आय बढ़ाने के लिए जिले में 75 ग्राम पंचायतों को 6.57 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। जिले में कुल 680 ग्राम पंचायतें है इसमें अधिकांश पंचायतें शासन से मिलने वाली धनराशि पर ही निर्भर थी। इससे न सिर्फ विकास कार्य सीमित रहते थे बल्कि पंचायतों की अपनी कोई अलग पहचान भी नहीं बना पाते थे। इस सोच का बदलने के लिए शासन ने पंचायतों को स्वयं की आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है।

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यह योजना किसी योजना के तहत मिलने वाला सामान्य अनुदान नहीं हैं, बल्कि पंचायतों की खुद की कमाई यानि ओन सोर्स रेवेन्यू(ओएसआर) के आधार पर प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया है। इस नीति के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर 1500 तक आबादी वाली कुल 75 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया। इन ग्राम पंचायतों को कुल 657285 रुपये आवंटित किए गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी एनएल गंगवार ने बताया कि इस धनराशि का व्यय ग्राम पंचायतें अपने संसाधनों को बढ़ाने पर कर सकेंगी। शाहबाद के गांवों को मिली सर्वाधिक धनराशि प्रोत्साहन धनराशि की सर्वाधिक वर्षा शाहबाद ब्लाक में हुई है। इस ब्लाक की ग्राम पंचायत सोहना को सर्वाधिक 90105 रुपये मिले हैं। चंद्रपुर खुर्द को 60105, खंजीपुरा को 30550, जयतोली को 30325, और ग्राम पंचायत जनकपुर को 30230 रुपये प्रोत्साहन राशि मिली है। ग्राम पंचायतों में यह हुए काम चयनित पंचायतों में अपने स्तर पर कर संग्रह, पंचायत भवनों व दुकानों का व्यावसायिक उपयोग, हाट बाजार, तालाब,पार्किग डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण जैसी व्यवस्थाओं से आय प्राप्त करने के कार्य किए हैं। गांव ने आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। कम आबादी वाली पंचातयों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने अब अनुदान की जगह स्वयं की आय पंचायतों को करने पर जोर दिया है। इससे आने वाले समय में पंचायतें इस माडल को अपनाकर विकास की दौड़ में शामिल होंगी। ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बनेंगी। फोटो: -गुलाब चंद्र, मुख्य विकास अधिकारी।