Do not put any type of embankment in flow of Hindi Dr Varshney - हिन्दी के बहाव में न लगाएं किसी प्रकार का तटबंध: डा. वाष्र्णेय DA Image
12 दिसंबर, 2019|11:32|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

हिन्दी के बहाव में न लगाएं किसी प्रकार का तटबंध: डा. वाष्र्णेय

default image

राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिन्दी दिवस के अवसर पर शनिवार सुबह हुई भाषण प्रतियोगिता में वक्ताओं ने हिन्दी के और अधिक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। प्राचार्य डा. पीके वाष्र्णेय ने कहा कि देश-विदेश में हिन्दी को पढ़ाया लिखाया जा रहा है। हिन्दी की पहचान बन चुकी है हिन्दी के 900 शब्द अंग्रेजी शब्दकोष में शामिल किए गए हैं।

कालेज सभागार में हुई भाषण प्रतियोगिता में प्राचार्य ने कहा कि आज के समय में हिन्दी को सीखना बहुत जरूरी है। कहा कि चीन ने तमाम तकनीकी भाषाओं में चीनी भाषा का प्रयोग किया है। जापान ने तमाम इलैक्ट्रानिक सामानों में जापानी भाषा का प्रयोग किया है। कहा कि हमारे जो उत्पाद हैं उनमें हिन्दी भाषा का प्रयोग किया जाए। हिन्दी जिस तरह प्रवल रूप से बह रही है उसे बहने दिया जाए किसी प्रकार का अवरोध नहीं लगाया जाए। इस मौके पर डा. बेबी तबस्सुम, डा. मुजाहिद अली, डा. अजय विक्रम सिंह, डा. विनीता सिंह, डा. सहदेव, डा. संदीप कुमार समेत तमाम प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Do not put any type of embankment in flow of Hindi Dr Varshney