
नेत्र सर्जन को आरोप पत्र देकर जांच की पूरी
Rampur News - जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन पर ऑपरेशन के नाम पर मरीज से रुपये वसूलने और बाहरी व्यक्ति को अपने केबिन में बैठाने का आरोप लगा था। जांच के बाद सीएमएस ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी, जिसमें आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। नेत्र सर्जन को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी गई है।
जिला अस्पताल में नेत्र सर्जन के द्वारा मरीज से ऑपरेशन के नाम पर रुपये वसूलने और अपने केबिन में बाहरी व्यक्ति को बैठाने के मामले में सीएमएस ने जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट अपर निदेशक स्वास्थ्य और जिले के उच्च अधिकारियों को सौंप दी है। बीते दिनों शहर के कांशीराम कालोनी निवासी एक व्यक्ति ने जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन पर बाहर से दवा लिखने, नेत्र आपरेशन के नाम पर बाहरी व्यक्ति को बैठाकर पांच से छह हजार रुपये लेने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत डीएम के पास पहुंची तो डीएम ने इस मामले में सीएमएस को दो दिन में जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
अब इस मामले में सीएमएस ने नेत्र सर्जन और शिकायकर्ता दोनों के बयानों को दर्ज करने के बाद अपनी रिपोर्ट को डीएम को सौंप दिया है। इसकी एक प्रति अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को भी भेजी गई है। जांच रिपोर्ट में उन्होंने स्पष्ट किया है कि नेत्र सर्जन पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए जब शिकायतकर्ता को बुलाया गया तो वह आरोपों से संबंधित कोई भी साक्ष्य उनको उपलब्ध नहीं करा पाए। इसीलिए उन्होंने नेत्र सर्जन को कड़ी चेतावनी देते हुए आरोप पत्र जारी किया है। नेत्र सर्जन को मरीजों के प्रति मधुर व्यवहार बनाकर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में फिर कभी इस प्रकार की शिकायत सामने नहीं आए। सीएमएस डा. ब्रजेश चंद्र सक्सेना ने बताया कि चिकित्सक को कड़ी चेतावनी जारी की है कि भविष्य में कभी ऐसी पुनरावृत्ति न हो।

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