रामपुर में स्टोन क्रशरों पर शासन-प्रशासन ने कसा शिकंजा
Rampur News - रामपुर में अवैध खनन के आरोपों में स्टोन क्रशरों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। खान अधिकारी ने टांडा तहसील में स्टोन क्रशरों की जांच की। क्षेत्र में अवैध खनन के लिए बदनामी के बावजूद, कई स्टोन क्रशर संचालित हैं और इन पर फर्जी रॉयल्टी से परिवहन करने के आरोप लगे हैं।

रामपुर। अवैध खनन को डंप करने और बढ़ावा देने के आरोपों में अक्सर फंसने वाले स्टोन क्रशरों पर शासन-प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। सोमवार को खान अधिकारी ने टांडा तहसील क्षेत्र में स्थापित स्टोन क्रसरों की जांच की। रामपुर अवैध खनन के लिए बदनाम है। सरकारें बदलती रहीं लेकिन, अवैध खनन के कारोबार से जुड़े लोग नदियों का सीना चीरते रहे। यूं तो पीलाखार से लेकर भाखड़ा, रामगंगा और सैंजनी सभी नदियों में अवैध खनन होता है लेकिन, कोसी में सर्वाधिक खनन होता है। स्वार, मसवासी, दढ़ियाल क्षेत्र सर्वाधिक बदनाम हैं। कई बार यहां बड़ी-बड़ी कार्रवाई भी हो चुकी हैं लेकिन, उत्तराखंड सीमा से लगे इन क्षेत्रों का अवैध खनन नहीं रुक पाया।
जिसकी बड़ी वजह नदी के आसपास सीमा पर लगे स्टोन क्रशर हैं। रामपुर की नदियां पत्थर नहीं उगलतीं, बावजूद इसके जनपद में कोसी के तट और तटवर्ती क्षेत्र में 50 स्टोन क्रशर संचालित हैं। आरोप है कि जनपद में अवैध खनन को डंप करने से लेकर फर्जी रॉयल्टी से परिवहन करने तक में इन स्टोन क्रशरों की संलिप्तता रहती है। पूर्व में हुई जांचों में भारी भरकम अर्थदंड भी लग चुका है। अब एक बार फिर स्टोन क्रसर शासन-प्रशासन के निशाने पर हैं।चंद रोज पहले शासन स्तर से टीम ने दो दिन तक डेरा डाला था। हालांकि, इस दौरान किस स्टोन क्रसर पर क्या कमी मिली, इसकी रिपोर्ट अभी स्थानीय प्रशासन से शेयर नहीं हुई है। अब जिला प्रशासन ने भी स्टोन क्रसरों की जांच शुरू कर दी है। खनन अधिकारी अमित रंजन ने सोमवार को टांडा क्षेत्र में स्टोन क्रसरों की जांच की। उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


