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बहल्ला नदी में गिराया जा रहा उद्योगों का केमिकल युक्त पानी

बहल्ला नदी में गिराया जा रहा उद्योगों का केमिकल युक्त पानी

उत्तराखंड प्रदेश की ओर से आ रही बहल्ला नदी को औद्योगिक इकाइयों ने गंदा कर दिया है। फैक्ट्रियां केमिकल युक्त जहरीला पानी नदी में गिरा रही हैं। टांडा और आसपास के गांवों के गंदे नालों का पानी भर नदी में पहुंच रहा है, जिससे प्रदूषित हो गई है।

मुरादाबाद मार्ग पर नगर से सटे गांव बादली के पास पर ही बहल्ला नदी जो उत्तराखंड प्रदेश के रामनगर से होते हुए उत्तर प्रदेश के टांडा रामपुर को आ रहीं है। इस नदी में उत्तराखंड की औद्योगिक इकाइयों द्वारा प्रदूषित केमिकल युक्त पानी का कचरा बहला नदी में छोड़ा जा रहा है। इस गंदे पानी से बहला नदी का सारा पानी गंदा हो गया है। इतना ही नहीं बहला नदी के किनारे बसने वाले गांव में लगे हैंडपंप गंदा पानी दे रहे हैं। गंदे पानी के पीने से गांव कसिया कुंडा, केरखेड़ा, करकेडी, मोहल्ला मरघटी, गांव बादली, मानपुर खांडी खेड़ा, पर्वतपुर ,भाटी खेड़ा, सूरजपुर सहित अन्य गांव में लगे हैंडपंप गंदा पानी उगल रहे हैं। इसके सेवन से मनुष्य ही नहीं जानवर भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इसके साथ-साथ खेती भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा टाण्डा व गांव बादली के नाले नालियों का गंदा पानी, कचरा नदी में गिरने से नदी और भी ज्यादा प्रदूषित हो रहीं है। इसके अलावा बहल्ला नदी के आसपास नर्सिंग होम व झोला छाप चिकित्सक के यहां से सिरिंज व नर्सिंग होम का कूड़ा भी नदी में बहाया जा रहा है। इससे ओर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी से नदी में कूड़ा कचरा डालने बाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

नदी में कूड़ा कचरा डाले जाने की वह जांच कराएंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

घनश्याम त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी टांडा

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  • Web Title:Chemicalized water of industries being thrown down in Bahilla river