आंधी और बूंदाबांदी से बिजली गुल

Apr 08, 2026 01:06 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रामपुर
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Rampur News - रामपुर में मौसम में लगातार बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अधिकतर गेहूं की फसल अभी भी खेतों में खड़ी है और समय पर कटाई न होने से नुकसान का डर है। मौसम ने बीमारियों को भी बढ़ावा दिया है, जिससे अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।

आंधी और बूंदाबांदी से बिजली गुल

रामपुर। लगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की धुकधुकी बढ़ा दी है। जिसकी वजह है कि अभी भी किसानों की अधिकतर गेहूं की फसल खेतों पर खड़ी है। समय न मिल पाने के कारण किसान कटाई नहीं कर पा रहे हैं। आए दिन होने वाली बूंदाबांदी से किसानों को चिंता है कि अगर समय से कटाई नहीं हुई तो उनको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि हवा 14 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली। दिनभर धुंध छायी रही और शाम को आंधी और बूंदाबांदी हुई, जिससे नगर समेत देहात में कई स्थानों पर बिजली गुल हो गई।

इसके अलावा कई स्थानों पर मार्गों पर पेड़ भी गिर गए। इस बार कभी चटक धूप के साथ गर्मी पड़ने लगती है तो कभी बारिश होने से मौसम बदल जाता है। पिछले कई दिनों से लगातार बदल रहा मौसम बीमारियों को भी बढ़ावा दे रहा है। रोजाना जिला अस्पताल में डायरिया की मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद से मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी तेज धूप निकलती है तो कभी दिन भर बदली छाई रहती है। बदल रहे मौसम के मिजाज से जहां गर्मी से राहत मिली है तो वहीं किसानों की धुकधुकी बढ़ गई है। जिसकी वजह है कि शादियों का सीजन होने पर मजदूर मिल पाने के कारण अधिकतर किसानों की गेहूं की फसल अभी भी खेतों पर खड़ी है। दरअसल इस बार जिले में गेहूं की फसल का रकवा करीब 1.35 लाख हेक्टेयर है। कटाई न होने के कारण आए दिन होने वाली बूंदाबांदी से किसानों को फसल के नुकसान होने का अंदेशा लग रहा है। यही वजह है कि अब जिले भर में कई स्थानों पर किसान हार्वेस्टर से फसल की कटाई करा रहे हैं। वहीं मंगलवार शाम अचानक मौसम बदल गया और शाम को आंधी संग बूंदाबांदी हुई, जिसके चलते कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए। शहर की कई कालोनियों की बिजली गुल हो गई। हालांकि, करीब पंद्रह-बीस मिनट बाद आंधी थम गई और बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई। अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अस्पतालों में बढ़े वायरल बुखार के मरीजरामपुर। मंगलवार सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ नजर आई। अस्पताल के बेड मरीजों से पहले ही भरे हुए हैं। बदलते मौसम के असर से सरकारी-निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम, नजला, बुखार, एलर्जी, दमा, आंखों और फेंफड़ों में संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इनमें सबसे ज्यादा मरीज वायरल बुखार के हैं। तेज बुखार के साथ सिर, शरीर, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी महसूस होने पर लोग इलाज कराने आ रहे हैं। गंभीर हालत के मरीजों को अस्पताल के वार्डों में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। उधर, अजीतपुर पीएचसी की ओपीडी में भी मौसमी और संक्रमाक बीमारियों से पीड़ित मरीजों की भीड़ लगी है। इनमें छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की संख्या ज्यादा है। सीएचसी में भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। बीमारियों के दौर में चिकित्सक खानपान और रहन-सहन को लेकर सावधानी बरतने पर जोर दे रहे हैं। जिला अस्पताल में तैनात वरिष्ठ परामर्शदाता डा.दशरथ सिंह ने बताया कि ठंड लगकर बुखार आने पर इसे गंभीरता से लेना चाहिए। तीन दिन से ज्यादा बुखार आने पर अपनी डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराना चाहिए। बीमारी की पुष्टि होने पर तुरंत इलाज कराएं।

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