
युवाओं के आत्मबल थे स्वामी विवेकानंद
Rampur News - एनआरएमयू शाखा ने सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई। इस अवसर पर गेट मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने स्वामी विवेकानंद के जीवन के आदर्शों पर चर्चा की। रवींद्र भंडारी ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वामी जी का मंत्र 'उठो, जागो' आज भी प्रासंगिक है।
एनआरएमयू शाखा की ओर से सोमवार को स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई। इस मौके पर पीडब्ल्यूआई कार्यालय और टीआरडी डिपो में एक गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं थे, बल्कि युवाओं के संबल व आत्मबल थे। स्वामी विवेकानंद की जयंती पर गेट मीटिंग का आयोजन राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया। शाखा सचिव रवींद्र भंडारी ने युवा कर्मचारियों को राष्ट्रीय पावन दिवस की बधाई देते हुए स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डाला। कहा कि स्वामी जी द्वारा दिया गया मंत्र उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए आज भी हमारे संगठनात्मक संघर्ष का मंत्र है।
वह केवल एक संत नहीं थे बल्कि युवाओं के आत्मबल, आत्म सम्मान और संघर्ष के प्रतीक थे। आज का युवा केवल देखने-सुनने के लिए नहीं है, बल्कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए है। जब अधिकार छीने जाते हैं, जब मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिलता, तब युवा शक्ति ही बदलाव की मशाल जलाती है। यूनियन का इतिहास गवाह है कि हर निर्णायक लड़ाई में युवाओं ने अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर नेतृत्व किया है। इस दौरान सभी ने स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुनीश कुमार, जुनेजो खान, राहुल कुमार, बलराम, सुनील कुमार, सत्यपाल, मनोज कुमार, दीपक, संजय, हरिओम, नूरजहां, जोगेंद्र, सोनू, रब्बानी, विजय,करन, राजवीर, त्रिभुवन और नन्हें आदि मौजूद रहे। मीटिंग की अध्यक्षता सहायक शाखा सचिव कामरेड राधेश्याम और संचालन शाखा सचिव रवींद्र भंडारी ने किया।

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