भूल नहीं सकते शनिवार की वह खौफनाक रात...और डबडबा गईं आंखें
Rampur News - रामपुर के सीए रोहित सक्सेना दुबई में युद्ध के खौफनाक माहौल से लौटे हैं। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू हुआ और उन्हें पत्नी-बेटियों के साथ एक सुरक्षित स्थान पर रात बितानी पड़ी। 6 गुना अधिक किराए पर लौटकर वे खुशी-खुशी अपने घर पहुंचे। एयरपोर्ट पर पायलट के सुरक्षित क्षेत्र में जाने की घोषणा पर उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे।

जहां रुक-रुककर बम गिर रहे हों, मिसाइलें दागी जा रही हों ऐसे भयावह माहौल के बीच से पत्नी-बेटियों के साथ जब सकुशल कोई अपनों के बीच लौटता है तो उस खुशी को बयां करने के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं। रामपुर के एक सीए परिवार के साथ भी ऐसा ही हुआ है। दुबई से लौटे सीए रोहित सक्सेना ने जब बुधवार को आपबीती सुनानी शुरू की तो खौफनाक उस मंजर को याद कर वह सिहर गए, आंखें डबडबा गईं। बोले-शनिवार की उस खौफनाक रात को कभी नहीं भुला पाऊंगा। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के कृष्णा विहार निवासी अधिवक्ता सर्वेश बहादुर सक्सेना के बेटे रोहित सक्सेना सीए हैं।
रोहित की पत्नी रीता सक्सेना भी सीए हैं। पहले रोहित गुड़गांव में ही जॉब करते थे लेकिन, करीब साढ़े तीन साल पहले वह पत्नि रीता, बेटी शैब्या सक्सेना और माइशा सक्सेना के साथ दुबई शिफ्ट हो गए। वह वहां जबल अली पोर्ट के पास में ही न्यू दुबई में द गार्डंस टाउनशिप में रहते हैं और इंटरनेशनल कंपनी टीबीओ डॉट कॉम में चीफ फाइनेंस ऑफीसर हैं। आजकल वहां हालात अच्छे नहीं हैं, वहां से लौटे रोहित ने हिन्दुस्तान के साथ आपबीती साझा की तो रोंगटे खड़े हो गए।उन्होंने बताया कि 27 फरवरी की रात वह इंडिया से दुबई गए थे। 28 फरवरी को युद्ध शुरू हो गया। दुबई का इस युद्ध से कोई लेना-देना नहीं लेकिन, ईरान की ओर से मिसाइल दागी जाने लगीं। शनिवार की रात को एक के बाद एक कई बम धमाके हुए, मिसाइल गिराई गईं, जिससे रूह कांप गई। बच्चे डर गए। ऐसा लगा मानों पूरी बिल्डिंग की हिल गई हो। करीब साढ़े बारह बजे दुबई प्रशासन का अलर्ट आया, खुद को सेफ करें। हमारे यहां एक स्टोर इस तरह का है, जिसके दोनों ओर तीन-तीन दीवारें हैं, जिसे सेफ जोन मानते हुए हमने पत्नी-बेटियों संग बैठकर पूरी रात जागते हुए गुजारी।------------छह गुना अधिक किराया देकर लौटे अपने वतनरामपुर । रोहित सक्सेना ने बताया कि सामान्यता 25 से 30 हजार रुपये में आने-जाने का टिकट होता है लेकिन, आपदा में छह गुना अधिक किराया दिया गया। एयरपोर्ट पर पहुंचे तो चार घंटे तक फ्लाइट में ही बैठकर इंतजार करना पड़ा। फ्लाइट में टेक्नीकल इश्यू था, जिसके चलते 5:30 बजे की फ्लाईट ने 9:30 बजे उड़ान भरी। जो दुबई से पाकिस्तान होते हुए भारत नहीं आयी बल्कि, ओमान, अरब सागर होते हुए मुम्बई पहुंची। वहां से बरेली की फ्लाईट ली और तब अपने घर पहुंच हैं। उनके घर पहुंचते ही परिजनों ने भी खुशी जाहिर की।---------पायलट के एनाउंस करते ही छलके खुशी के आंसूरामपुर । रोहित ने बताया कि दुबई एयरपोर्ट पर हर तरह खौफ का माहौल था। पूरी फ्लाइट में शांति थी लेकिन, जैसे ही हमारी फ्लाइट अरब सागर की सीमा से बाहर हुई और पायलट ने एनाउंस किया कि अब हम सब सेफ जोन में हैं, युद्ध क्षेत्र से बाहर आ गए हैं, यह सुनते ही खुशी के आंसू छलक गए। पूरी फ्लाइट में तालियां बजने लगीं और खुशी का माहौल बन गया।
लेखक के बारे में
Vipin Sharmaशॉर्ट बायो : विपिन कुमार शर्मा पिछले 26 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान प्रिंट’ में रामपुर के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। वह जिले की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।
परिचय एवं अनुभव
विपिन कुमार शर्मा को प्रिंट पत्रकारिता का 26 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह ‘हिन्दुस्तान प्रिंट’ में रामपुर के ब्यूरो चीफ हैं। वर्ष 2020-21 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने बदलते मीडिया परिदृश्य और पाठकों की रुचि के अनुरूप कंटेंट रणनीति को मजबूती दी है।
लंबे अनुभव के दौरान उन्होंने राजनीतिक, प्रशासनिक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर प्रभावी रिपोर्टिंग की है। टीम नेतृत्व के साथ-साथ खबरों की गुणवत्ता, संतुलन और विश्वसनीयता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रही है।
करियर का सफर
विपिन कुमार शर्मा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 1999 में अमर उजाला से की। इसके बाद वह दैनिक जागरण से जुड़े, जहां उन्होंने प्रिंट पत्रकारिता की गहन समझ और फील्ड अनुभव प्राप्त किया।
वर्ष 2012 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ से जुड़कर नई जिम्मेदारियां संभालीं। वर्ष 2015 में उन्हें रामपुर का ब्यूरो चीफ बनाया गया। तब से वह लगातार इस पद पर रहते हुए जिले की टीम का सफल नेतृत्व कर रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
विपिन कुमार शर्मा हिन्दी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। साहित्यिक पृष्ठभूमि ने उनकी लेखन शैली को गहराई और संवेदनशीलता प्रदान की है। हिन्दी साहित्य और पत्रकारिता का यह संयोजन उनकी रिपोर्टिंग को विश्लेषणात्मक और प्रभावशाली बनाता है।
साहित्यिक सक्रियता और विजन
विपिन कुमार शर्मा एक जाने-माने कवि भी हैं। वह नियमित रूप से कवि सम्मेलनों और काव्य गोष्ठियों में भाग लेते हैं। देश के समसामयिक हालात और राजनीतिक घटनाक्रमों पर उनकी रचनाएं विशेष रूप से सराही जाती हैं।
राजनीतिक विषयों पर उनकी गहरी समझ है। उन्होंने कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों के साक्षात्कार किए हैं। उनका मानना है कि पत्रकारिता की नींव तथ्यपरकता और विश्वसनीयता है—उनका लक्ष्य पाठकों तक सटीक, प्रमाणिक और सशक्त जानकारी पहुंचाना है।
विशेषज्ञता
राजनीतिक और प्रशासनिक रिपोर्टिंग
साहित्यिक गतिविधियां और काव्य लेखन
समसामयिक एवं राजनीतिक विषयों पर विश्लेषण
वरिष्ठ राजनीतिक हस्तियों के साक्षात्कार
प्रमुख साक्षात्कार:
पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल, गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, आजम खां, मुख्तार अब्बास नकवी, जयाप्रदा, अमर सिंह सहित कई प्रमुख राजनीतिक व्यक्तित्व।
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