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20 अक्तूबर, 2020|2:39|IST

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रामपुर में निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का कार्य बहिष्कार

रामपुर में निजीकरण के विरोध में बिजलीकर्मियों का कार्य बहिष्कार

रामपुर। निज संवाददाता

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी है। इस दौरान कर्मचारियों ने एक सुर में निजीकरण का विरोध किया। साथ ही सरकार से निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों व अभियंताओं ने कार्य बहिष्कार किया। अधीक्षण अभियंता के कार्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन में सह संयोजक वीपी सिंह ने कहा कि निजी कंपनी अधिक राजस्व वाले वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्राथमिकता पर बिजली देगी जो ग्रेटर नोएडा और आगरा में हो रहा है। निजी कंपनी लागत से कम मूल्य पर किसी उपभोक्ता को बिजली नहीं देगी। अभी किसानों, गरीबी रेखा के नीचे और पांच यूनिट प्रति माह बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को पॉवर कारपोरेशन घाटा उठाकर बिजली देता है, जिसके चलते इन उपभोक्ताओं को लागत से कम मूल्य पर बिजली मिल रही है। अब निजीकरण के बाद स्वाभाविक तौर पर इन उपभोक्ताओं के लिए बिजली मंहगी होगी। सहायक अभियंता मीटर विशाल मलिक ने भी निजीकरण के नुकसान बताए। कहा कि इससे उपभोक्ताओं पर तो भार पड़ेगा ही विभाग के लिए भी यह सही नहीं रहेगा। इस मौके पर आशीष सिंह, मोहम्मद अली, शिव अवतार, शलभ गर्ग, प्रदीप यादव, आरपी सिंह, जयदीप मौर्य आदि मौजूद रहे। वहीं, विद्युत मजदूर संगठन के सदस्यों ने भी धरना दिया। उन्होंने निजीकरण के प्रस्ताव का विरोध किया और सरकार से प्रस्ताव वापस लेने की मांग की।

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  • Web Title:Boycott of power workers in Rampur against privatization