
मेरी शराफत को कमजोरी न समझें, आजम खान पर रामपुर के सपा सांसद नदवी का पलटवार
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान पर रामपुर के सपा सांसद मोहिब्बुल्ला नदवी ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मेरी शराफत को कमजोरी न समझा जाए।दरअसल, बीते बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर पहुंचकर आजम खान से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद सांसद नदवी ने आजम खान पर तीखा पलटवार किया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अंदर चल रही आजम खान और सांसद मोहिब्बुल्ला नदवी के बीच की तकरार एक बार फिर सुर्खियों में है। सपा सांसद नदवी ने वरिष्ठ नेता आजम खान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि मेरी शराफत को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह बुजुर्गों का सम्मान करते हैं, लेकिन हर व्यक्ति को अपनी गलतियों में सुधार करना चाहिए। दरअसल, बीते बुधवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर पहुंचकर आजम खान से मुलाकात की थी। आजम की शर्त थी कि अखिलेश के साथ कोई तीसरा नहीं होगा। आजम का इशारा नदवी की तरफ था।
एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में नदवी ने कहा कि उन्हें आजम खान के जानने या न जानने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि मुझे रामपुर की 25 लाख आबादी ने चुना है। जनता मुझे जानती है, यही मेरे लिए गर्व की बात है। सांसद ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने कई बार आजम खान से मुलाकात की कोशिश की। ईद के दिन मैं खुद मिलने गया, संदेश भी भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। जेल से रिहाई के बाद भी मैंने पहल की, पर उन्होंने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया। अब मैं क्या करूं?
उन्होंने नसीहत भरे लहजे में कहा कि बड़े लोगों को सोचना चाहिए, जनता सबसे बड़ी है। जो लोग कह रहे हैं कि मुझे जानते नहीं, मैं साफ कर दूं कि मेरी सात पीढ़ी के बुजुर्गों की कब्रें रामपुर में हैं और उनका ताल्लुक बिजनौर से है, वहीं के नेताओं को वह आज भी तवज्जो देते हैं। उन्होंने कहा कि नवाब बड़े हों या छोटे, उनकी नवाबी जनता ने तय की। शख्स बड़ा नहीं होता, जनता बड़ी होती है। उन्होंने याद दिलाया कि मुझे 2024 में हमारे कौमी सदर अखिलेश यादव जी ने रामपुर की नुमाइंदगी के लिए उतारा और महज 19 दिन में यहां की अवाम ने मुझे अपना लीडर चुना, फिर किसी शख्स के जानने-न-जानने से मुझ पर कोई फर्क नहीं पड़ता।





