राम मंदिर ट्रस्ट को आज मिल सकता है नया सीईओ, सर्च कमेटी ने अध्यक्ष को सौंपा तीन नामों का पैनल
अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी का मामला सामने आने के बाद सबसे महत्वपूर्ण बैठक आज होने जा रही है। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के नए सीईओ के नाम पर मुहर लग सकती है। ट्रस्ट को तीन नामों का पैनल मंगलवार को ही मिल चुका है।

राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के नाम से बुधवार को पर्दा उठ सकता है। सर्च कमेटी ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सीईओ के लिए तीन नामों का पैनल सौंप दिया है। बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में नाम पर मुहर लगने की संभावना है। साक्षात्कार का परिणाम सार्वजनिक किए बिना सीईओ के नाम की घोषणा की जा सकती है। दान चोरी के बाद आज तीसरी बैठक होने जा रही है। आज की बैठक को सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ट्रस्ट की अहम बैठक बुधवार को अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के मणिरामदास छावनी स्थित आवास पर दोपहर दो बजे होगी। बैठक में ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों को भरने के साथ श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रस्तावित मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के नाम पर भी निर्णय होगा। बैठक से पहले भौतिक रूप से मौजूद सदस्यों के साथ अनौपचारिक बैठक कर आम सहमति बनाने की कवायद की जा सकती है।
सर्च कमेटी के तीनों सदस्य जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और वैज्ञानिक-उद्योगपति सुरेश हावड़े मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने पहले रामलला के दर्शन किए। इसके बाद ग्रीन हाउस में ट्रस्ट की ओर से कमेटी को सम्मानित किया गया और रिपोर्ट सौंपी गई। कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देव गिरि ने कहा कि इतने बड़े राम मंदिर के कुशल प्रबंधन के लिए सीईओ का चयन बड़ी चुनौती थी। इसके लिए न्यास ने तीनों विशिष्ट जनों की कमेटी बनाई और जैसी अपेक्षा थी, उसे पूरा करते हुए कमेटी ने दिन-रात परिश्रम कर निष्पति ट्रस्ट को सौंप दी है। इसका अध्ययन कर बैठक में ट्रस्टियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। फिर ट्रस्ट के निर्णय के मुताबिक नाम की घोषणा की जाएगी।
रिपोर्ट मिलने के बाद ट्रस्टियों ने बैठक के एजेंडे पर मंथन किया। इसमें ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों पर नई नियुक्ति के नामों के साथ सीईओ के नाम पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट के प्रवक्ता की घोषणा और ट्रस्ट डीड में संशोधन पर भी विमर्श हुआ। कानूनविद और ट्रस्टी केशव पारासरन से भी परामर्श किया गया।
तीन शहरों में बहुस्तरीय मूल्यांकन
राम मंदिर के सीईओ पद के लिए आए 5585 आवेदनों का बहुस्तरीय मूल्यांकन दिल्ली-एनसीआर, पुणे और उड़ीसा के संबलपुर में विशेषज्ञों की टीमों ने किया। मंगलवार को राम मंदिर ट्रस्ट को पैनल सौंपने के बाद सर्च कमेटी के सचिव समीर पांड्या ने पूरी टीम के प्रति आभार जताया। उन्होंने बताया कि टीमों ने समानांतर काम करते हुए प्रक्रिया को त्रुटिरहित और सरल बनाया। यह प्रक्रिया संस्थागत कठोरता व जन सामान्य की भागीदारी के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण थी।
समीर पांड्या ने बताया कि समर्पित सदस्यों के प्रयास से दो महीने से कम समय में 5585 आवेदनों का निस्तारण कर सर्वश्रेष्ठ नामों का चयन संभव हुआ। चयनित पैनल के प्रत्याशी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महत्व के संस्थान के सीईओ के रूप में आवश्यक संस्थागत नेतृत्व, प्रबंधन विशेषज्ञता व दृष्टिकोण के सर्वोच्च स्तर का प्रतिनिधित्व करते हैं।
कई विशेषज्ञों ने निभाई भूमिका
चयन प्रक्रिया में नितेश मिश्रा और निप्पन दास ने प्राद्यौगिकी सक्षम स्क्रीनिंग और शार्ट लिस्टिंग प्रक्रिया संचालित की। ज्ञानरंजन पंडा और वैभव सखाराम जपे ने प्रणाली और तकनीकी सहायता सुनिश्चित की। इनकी अहम भूमिका रही।
यूएस से लौटे संघ प्रचारक
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना सामने आने से पहले ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से विवाद के बाद यूएस गए संघ प्रचारक और इंजीनियर जगन्नाथ गुलवे दोबारा राम मंदिर लौट आए हैं।डा. अनिल मिश्र और गोपाल राव के साथ जगन्नाथ गुलवे का भी नाम चर्चा में रहा है। हालांकि घटनाक्रम से पहले ही उनके चले जाने के कारण उनकी चर्चा आम नहीं हुई।
राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपतराय की पुस्तक जस का तस के बिंदु संख्या 42 में संघ के पांच सेवाभावी कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। इनमें जगन्नाथ गुलवे भी हैं। बताया गया कि वह 2021 में राम मंदिर निर्माण को लेकर औरंगाबाद से अयोध्या आए थे और अपनी अवैतनिक सेवा दे रहे थे।
ट्रस्ट की खाली सीटें भरने के लिए भी मंथन
चढ़ावा चोरी प्रकरण में मुकदमा दर्ज होने के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था। छह जुलाई की बैठक में दोनों के इस्तीफे स्वीकार होने के बाद दो सदस्य पद रिक्त हैं। बुधवार को इन पदों पर नए सदस्यों के नाम की घोषणा संभव है। वहीं, अयोध्या राजपरिवार से जुड़े विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन से रिक्त हुई सीट के लिए भी नए सदस्य के नाम पर फैसला हो सकता है।
कई प्रमुख ट्रस्टी पहुंचे अयोध्या
बैठक में शामिल होने के लिए ट्रस्ट के कई प्रमुख सदस्य अयोध्या पहुंच चुके हैं। कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि और विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय पदाधिकारी दिनेश भी अयोध्या पहुंच गए हैं।


