राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट में आज तय हो सकती है जांच की दिशा, CJI सूर्यकांत करेंगे सुनवाई

नई दिल्ली। विशेष संवाददाता
Follow us on Google News
share

Ram Mandir Controversy: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी के मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल तीन याचिकाओं की आज एक साथ सुनवाई होगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ के सामने इस मामले को सूचीबद्ध किया गया है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: सुप्रीम कोर्ट में आज तय हो सकती है जांच की दिशा, CJI सूर्यकांत करेंगे सुनवाई

Ram Mandir Controversy: अयोध्या के राम मंदिर में दान की चोरी और अन्य कीमती वस्तुओं की हेराफेरी के आरोपों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समय-सीमा के भीतर जांच की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुवाई करेगा। देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत खुद मामले की सुनवाई करेंगे। शीर्ष अदालत ने इस मामले में दाखिल सभी याचिकाओं को सीजेआई की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। इससे पहले, शीर्ष अदालत ने 29 जून को मामले में जल्द सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि ‘इसमें इतनी जल्दबाजी क्यों? बाद में सुनवाई होने से कोई आसमना नहीं टूट जाएगा।’

‌‌सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के 13 जुलाई को सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ के समक्ष चढ़ावा चोरी और श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट क्षेत्र में अन्य अनियमितताओं की जांच की मांग वाली याचिकाओं को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। तीन याचिकाओं में एक नरेंद्र कुमार गोस्वामी की ओर से दाखिल की गई है, जबकि दूसरी याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दाखिल की है जबकि तीसरी याचिका राजद सांसद सुधाकर सिंह की ओर से दाखिल की गई है।

कैग से जांच और फोरेंसिक आडिट की भी मांग

याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग के अलावा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) से ऑडिट कराने की भी मांग की है। जबकि राजद सांसद सुधाकर सिंह ने मंदिर ट्रस्ट के पूरे वित्तीय कामकाज के फॉरेंसिक ऑडिट कराने की भी मांग की है। अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव की याचिका में मामले की जांच के लिए सीबीआई की अगुवाई में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की है ताकि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासन से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और अन्य कथित गैर-कानूनी गतिविधियों की जांच करनी चाहिए।

अयोध्या के लिए संघर्ष करने वाले चिंतित

याचिका में केंद्र, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को ऐसे नियामक सुपरवाइजरी और ऑडिट सिस्टम बनाने और उन्हें लागू करने का आदेश देने की मांग की है जो जनहित की रक्षा और लाखों भक्तों व दानदाताओं का भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी हों। याचिकाओं में कहा गया है ‘मंदिर में चढ़ावा चोरी और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय और अन्य अनियमितताओं की रिपोर्ट सच साबित हों या न हों, लेकिन ऐसी रिपोर्टों ने उन पीढ़ियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है जिन्होंने अयोध्या की शान को फिर से बहाल करने के लिए संघर्ष किया था।’

बिना एफआईआर ही एसआईटी जांच पर सवाल

याचिका में आरोप लगाया गया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने बिना प्राथमिकी या किसी नियमित आपराधिक मामले के पंजीकरण के ही इस मामले की जांच शुरू कर दी है। याचिका में कहा गया कि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े गायब फंड और अन्य कथित अनियमितताओं की रिपोर्ट की सच्चाई की स्वतंत्र रूप से जांच होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बना था ट्रस्ट

सुप्रीम कोर्ट ने ही राम मंदिर पर फैसला सुनाते समय ट्रस्ट के गठन का आदेश भी दिया गया था। ट्रस्ट के पास ही यहां की पूरी जिम्मेदारी थी। अब चोरी का खुलासा होने पर सबसे ज्यादा ट्रस्ट पर ही आरोप लग रहे हैं। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को भी इसके लिए दोषी बताया जा रहा है। हालांकि यूपी सरकार की तरफ से बनी एसआईटी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में चंपत राय का नाम भी नहीं लिया है। ऐसे में एसआईटी की जांच पर ही उंगली उठ रही है।

सपा प्रमुख ने सबसे पहले उठाया मामला, एसआईटी चीफ पर भी सवाल

राम मंदिर में चोरी का मामला सबसे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ही उठाया था। तब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने आरोपों को सिरे से नकार दिया था। हालांकि अब तक की जांच में पता चल चुका है कि चंपत राय को उस समय भी चोरी की जानकारी थी। चंपत राय ने खुद पुलिस वालों के साथ मिलकर चोरी की काफी रकम बरामद भी की थी। अखिलेश यादव ने यूपी सरकार की तरफ से बनी एसआईटी के प्रमुख पर ही कई आरोप लगा दिए हैं। अखिलेश यादव का कहना है कि खुद एसआईटी प्रमुख पर धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज है। ऐसे में एसआईटी की जांच पर कैसे भरोसा किया जा सकता है।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, UP News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News, और lucknow Weather अपडेट हिंदी में पढ़ें। साथ ही UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Election 2027 Candidates से जुड़ी ताज़ा खबरों के लिए Live Hindustan App अभी डाउनलोड करें।