राम मंदिर दान चोरी: AI से चढ़ावे की गिनती और गणना कर्मियों की निगरानी, SIT कर सकती है सिफारिश
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट में ट्रस्ट पदाधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, एआई आधारित निगरानी, त्रिस्तरीय जांच और चढ़ावे की गणना और बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल की सिफारिश हो सकती है।

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में एसआईटी ट्रस्ट पदाधिकारियों की भूमिका तय करने के साथ ही सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने का भी सुझाव भी देगी। गणना कर्मियों पर निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का भी उपयोग किया जाएगा। बताया जा रहा है कि एसआईटी रिपोर्ट में एआई के उपयोग की सिफारिश भी होगी। गणना कर्मियों की वेशभूषा में बदलाव और त्रिस्तरीय चेकिंग प्रणाली विकसित करने पर भी मंथन चल रहा है। हुंडियों की गिनती और बैंक तक रकम पहुंचाने की व्यवस्था में हर कदम पर तकनीक को शामिल किए जाने की तैयारी है।
AI से चढ़ावे की गिनती और गणना कर्मियों की निगरानी
एसआईटी अपने दूसरे चरण की रिपोर्ट तैयार करने में जुटी है। एसआईटी के सोमवार को एक बार फिर अयोध्या पहुंचकर जांच करने की संभावना है। एसआईटी चढ़ावे में चोरी में शामिल हर एक व्यक्ति की भूमिका तय करने से पहले अब तक हुई जांच में नए तथ्यों को परखेगी। ट्रस्ट के पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों व अलग-अलग स्तर पर हुई चूक को लेकर भी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। जिसमें अन्य आरोपितों के नाम भी उजागर होंगे। एसआईटी को अपनी अंतिम रिपोर्ट 15 जुलाई तक को शासन को सौंपनी है। इससे पहले एसआईटी एसओपी व एमओयू में रही कमियों को भी सिलसिलेवार देख रही है।
20 लोगों को जिला छोड़ने पर रोक
एसआईटी की प्रारंभिक जांच में ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी डा. अनिल मिश्रा समेत अन्य को लापरवाही का दोषी ठहराया गया था। ऐसे में माना जा रहा है कि एसआईटी की अगली रिपोर्ट में पदाधिकारियों के स्तर पर बरती गई उदासीनता और एसआपी का अनुपालन कराने में बरती गई लापरवाही खुलकर सामने आएगी। वहीं दूसरी तरफ ममंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में विवेचना के दौरान हो रहे खुलासों के बीच आठों आरोपियों के संपर्क में रहे करीब 20 लोगों के जिला छोड़ने पर रोक लगा दी गई है। 50 से अधिक को नोटिस भेजकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोपियों की कॉल डिटेल की भी जांच
शुक्रवार को मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी ने प्रकरण से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की। इस दौरान उनके बयान दर्ज कर आरोपियों से उनके संबंधों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस इनका मिलान आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों, कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों से कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की अलग-अलग टीमें सूची में शामिल लोगों को फोन या दूसरे माध्यमों से सूचना देकर पूछताछ को बुला रही हैं। उनसे आरोपियों से संबंध, लेन-देन, मुलाकातों और बाद की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है। अधिकांश को जांच तक पुलिस के संपर्क में रहने के निर्देश दिए गए हैं।


