राम मंदिर चढ़ावा चोरी; पुलिस को मिली टिन्नू और सुभाष की रिमांड, खुलेंगे कई राज?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस को टिन्नू और सुभाष की कस्टडी रिमांड मिल गई है। आज रात दस बजे तक दोनों पुलिस की कस्टडी में रहेंगे। इस दौरान कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अयोध्या में राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले के दो अहम आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव की पुलिस को रिमांड मिल गई है। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन की अदालत ने दोनों को 14 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है। पुलिस अब दोनों से चोरी गई नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की बरामदगी के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम से जुड़े अहम तथ्यों पर पूछताछ करेगी। ऐसे में कई अहम राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
आदेश के अनुसार दोनों आरोपी 15 जुलाई को सुबह आठ बजे से रात दस बजे तक पुलिस की कस्टडी में रहेंगे। इस दौरान विवेचक दोनों को विभिन्न स्थानों पर ले जाकर पूछताछ और आवश्यक बरामदगी की कार्रवाई कर सकेंगे। इससे पहले मामले की विवेचना कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने 10 जुलाई को विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन की अदालत में दोनों आरोपितों की सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड का प्रार्थना पत्र दाखिल किया था।
पुलिस का तर्क था कि राममंदिर से चोरी हुई नकदी और अन्य सामान की बरामदगी तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा करने के लिए दोनों आरोपितों से पुलिस हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की ओर से बहस हुई।
इसमें बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कुलशेखर सिंह ने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने राममंदिर में गणना प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव और उनके सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू को 14 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेजने का आदेश पारित किया।
ड्राइवर से राम मंदिर पहुंचने और प्रॉपर्टी बनाने की हकीकत बताएगा टिन्नू
पुलिस को उम्मीद है कि राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव कई राज बताएंगे। सबसे अहम पूछताछ टिन्नू से होगी। वह पुलिस को ड्राइवर से राम मंदिर पहुंचने के साथ इतनी बड़ी प्रॉपर्टी कैसे खड़ी की इसकी सटीक जानकारी देगा। सुभाष श्रीवास्तव बताएगा कि उसने कर्मचारियों को किसके कहने पर रखा था और उन्हें चोरी की जानकारी कैसे नहीं हुई। चढ़ावा चोरी गैंग का लीडर अविनाश शुक्ला बताया जा रहा है। क्योंकि इसके पास से सबसे ज्यादा 20 लाख 39 हजार 220 रुपये और 1121 अमेरिकी डॉलर जिसका भारतीय मूल्य करीब 106657 रुपए के साथ 11 ग्राम सोना और 375 ग्राम चांदी बरामद की गई थी।
सूत्र बताते हैं कि विवेचक को इस आरोपी ने बहुत से राज बताए हैं। वह अपने साथ जीजा-साले अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश को रखता था। इसलिए पुलिस ने दूसरी बार इन तीनों लोगों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। यह सभी पुलिस को उन स्थानों पर ले गए जहां पर रकम का बंटवारा होता था। अब सबसे मजबूत कड़ी टिन्नू यादव का नम्बर आया है।
बुधवार को पुलिस इससे वह सब बात जानना चाहेगी जो चर्चा का विषय है। जैसे टिन्नू के पास कुछ वर्षों के भीतर आखिर इतनी रकम कैसे आई, इतना ऊंचाई तक जाने में उसका साथ किसने दिया और अभी कुछ दिन पहले अपने लड़के के विवाह में उसने इतना रुपए कहां से खर्च किया। इस तरह के कई प्रश्न हैं जो विवेचक बुधवार को टिन्नू यादव से पूछ सकते हैं।
सुभाष पर आरोप है कि वह कर्मचारियों की भर्ती करता था। बैंक की सारी जिम्मेदारी इसी के कंधों पर थी। यह पूर्व बैंक कर्मी था। इसके बावजूद आखिर इतनी लापरवाही क्यों बरती। हालांकि सुभाष के पास से पुलिस को कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। सूत्र बताते हैं कि विवेचक के लिए टिन्नू का बयान बहुत महत्वपूर्ण है। हालांकि जानकार यह भी बताते हैं कि पुलिस प्रशासन में टिन्नू की पकड़ किसी से छिपी नहीं है।
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Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


