राम मंदिर दान चोरी: नई एसआईटी में सीए के आने से ट्रस्ट की चिंता बढ़ी, गोविंददेव से भी पूछताछ संभव

अयोध्या, संवाददाता
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राम मंदिर दान चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी नई एसआईटी में सीए के आने से ट्रस्ट की चिंता बढ़ गई है। अब मंदिर निर्माण से संचालन तक हर पहलू की जांच होगी। कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरी से पूछताछ के आसार बढ़ गए हैं।

Govind Dev
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी (फाइल फोटो)

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से एसआईटी में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और फॉरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने के निर्देश के बाद अब मंदिर की नींव से लेकर पूरे निर्माण और व्यवस्था संचालन तक हर पहलू की जांच तय मानी जा रही है। सुप्रीमकोर्ट के निर्देश की जानकारी मिलते ही ट्रस्ट पदाधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। माना जा रहा है कि नई एसआईटी आने वाले दिनों में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी की जवाबदेही भी तय कर पूछताछ कर सकती है।

राममन्दिर चढ़ावा केस सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद से जांच का दायरा बढ़ गया है। चोरी मामले में आठ कर्मचारियों पर केस दर्ज होने के बाद जांच सीमित समझी जा रही थी। पुलिस की विवेचना भी इसी के इर्द-गिर्द घूम रही है। रुपया चुराने से लेकर संपत्ति को बढ़ाने तक के सभी तरीकों को खंगाला जा रहा है। मगर नई एसआईटी टीम की जांच कई मायनों में विस्तारित मानी जा रही है। जानकार बताते हैं कि अब मामले के उजागर होने के बाद मीडिया रिपोर्ट को भी आधार बनाया जा सकता है।

ट्रस्ट के सभी लेनदेन की जांच होगी

सूत्र बताते हैं कि टीम में सीए यह जानने के लिए शामिल किया गया है कि मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद और ट्रस्ट बनते ही किन-किन तरीकों से रुपए की आमद शुरू हुई और अभी तक खाते में कितना आया और किस मद में खर्च हुआ। कुल कर्मचारियों की संख्या और वेतन भुगतान कितना था। इसके साथ कंपनी के खातों की जांच करना, लेनदेन, बैलेंस शीट, फाइनेंशियल रिकॉर्ड यानी हर वह पहलू खंगाला जाएगा जो रुपए के लेनदेन से संबंधित होगा।

कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से होगी पूछताछ

नई एसआईटी टीम बनने के बाद अब जांच के दायरे में श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पूरा कोष होगा। इसलिए कोषाध्यक्ष महंत गोविंद देवगिरी को पूरे कागजात के साथ जांच प्रक्रिया में शामिल होना पड़ेगा। पहली एसआईटी टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट जो ट्रस्ट द्वारा सार्वजनिक की गई थी, उसमें दोषियों की संख्या सीमित थी।

जानकार बताते हैं कि नई प्रक्रिया में ट्रस्ट के पदाधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक सभी को जांच के अंगारे पर चलना पड़ेगा। माना जा रहा है इसलिए अब जांच कुछ महीने तक चल सकती है। जानकर यह भी बताते हैं कि दूसरी एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश होने के बाद कुछ और दिशा- निर्देश जारी होने की गुंजाइश अधिक है।

Yogesh Yadav

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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