राम मंदिर चढ़ावा चोरीः ट्रस्टी अनिल मिश्र से पूछताछ, CCTV फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां मिलीं
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा की चोरी के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अयोध्या लौटते ही ट्रस्टी अनिल मिश्र से पूछताछ की है। इसके साथ ही CCTV फुटेज भी खंगाली तो उसमें संदिग्ध गतिविधियां मिली हैं।

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा की चोरी की जांच कर रही एसआईटी ने साल 2021 से अब तक की सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो चौंकाने वाली गतिविधियां नजर आईं हैं। इन्हें देखने के बाद बैंककर्मियों की संलिप्तता से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। वहीं, अयोध्या लौटते ही ट्रस्टी डा. अनिल मिश्र से एसआईटी ने पूछताछ की है। अनिल मिश्र आंखों के इलाज के बाद बुधवार को अयोध्या लौटे हैं। उन्हें भी एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया था। डा. मिश्र गुरुवार को नियत समय पर राम मंदिर पहुंचे और उन्होंने जांच अधिकारियों के समक्ष पेश होकर बयान दर्ज कराया।
इसी कड़ी में मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव से भी सवाल-जवाब किया गया। तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी रामशंकर यादव टिन्नू से भी सवाल किए गए। टिन्नू यादव की ओर से मीडिया में दिए गए बयान के आधार पर भी डा. मिश्र, मंदिर निर्माण प्रभारी श्रीराव से जानकारी ली गयी और टिन्नू यादव को राम मंदिर में दिए गये दायित्व के संदर्भ में भी पूछताछ हुई और यह जानकारी भी ली गयी कि टिन्नू यादव को लिखित नियुक्ति पत्र जारी किया गया और कितने वेतनमान पर नियुक्त किया गया।
सीसीटीवी की पुरानी फुटेज रिकवर
एसआईटी ने जांच के दौरान 2021 से लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और पुरानी फुटेज भी रिकवर किए जाने की जानकारी मिली है। सूत्र बताते हैं कि रिकवर किए सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों की कई चौंकाने वाली गतिविधियां कैद हुई हैं। इनमें बैंक कर्मियों की संलिप्तता की भी जानकारी मिली है। फिलहाल फुटेज के आधार पर बैंक भेजे जाने वाले नोटों के बंडल बनाने की छानबीन हो रही है। इस कार्य में जिला कोषागार के कर्मियों का भी सहयोग लेने के लिए उन्हें राम मंदिर बुलाया गया था।
गणनाकर्मी एक दूसरे के रिश्तेदार
यह भी जानकारी मिली कि गणना कार्य में लगे कई कर्मचारी एक दूसरे के रिश्तेदार हैं। इनकी यहां तैनाती संगठन कार्यकर्ता के नाम पर की गई। बताया गया कि इनकी संस्तुति किसकी ओर से की गयी, यह भी छानबीन का विषय है। इसके अलावा गणना कार्य में परखे लोगों को लगाने के बजाय नये-नये लोगों को नियुक्त करने का निहितार्थ भी तलाशा जा रहा है। पूछताछ और बयान दर्ज करने के क्रम में गुरुवार को दर्जनों गणना कर्मियों को बुलाया गया था। इन सभी से अलग-अलग पूछताछ के बाद बयान नोट किया गया।
बताया गया कि राम मंदिर निर्माण से पहले गणना विश्वामित्र आश्रम में जमीन पर बैठ कर होती थी। उस समय सीसीटीवी वगैरह का प्रबंध उतना नहीं था। बाद में चढ़ावे की गणना विश्वामित्र आश्रम से हटाकर श्रीराम जन्मभूमि पुलिस चौकी में कर दी गयी। यहां टेबल के चारों ओर बैठकर गणना होती थी। पुनः पीएफसी के निर्माण के बाद गणना कार्य यहां शुरू किया गया। यहां भी गणना मेज पर होती थी। बताया जा रहा है कि जब से चढ़ावे में धांधली का बवंडर उठा है, उसके बाद से गणना कार्य दोबारा जमीन पर शुरू किया गया है।


