राम मंदिर में कैसे होती रही हेराफेरी, कर्मचारियों ने खुद एसआईटी के सामने रीक्रिएट की पूरी घटना

अयोध्या, संवाददाता
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अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच में सबसे पहले उन  कर्मचारियों से पूछताछ की गई है जिनसे पिछले  दिनों नोटोंं की बरामदगी हुई थी। एसआईटी ने हेराफेरी समझने केलिए इन कर्मचारियों के सामने घटना को रीक्रिएट भी किया।

राम मंदिर में कैसे होती रही हेराफेरी, कर्मचारियों ने खुद एसआईटी के सामने रीक्रिएट की पूरी घटना

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा में चोरी की जांच तेज हो गई है। एसआईटी ने उन कर्मचारियों को सबसे पहले निशाने पर लिया है जिनके कबूलनामे के बाद नोटों की बरामदगी हुई थी। इन कर्मचारियों से पूछताछ के बाद एसआईटी ने पूरे घटनाक्रम को रीक्रिएट किया, जिससे पता लगाया जा सके कि गिनती के दौरान किस तरह हेराफेरी हुई और चढ़ावा में चोरी करके घनराशि को बाहर ले जाया जाता रहा। कुल चार कर्मचारियों से पहले अलग-अलग फिर एक साथ बैठाकर पूछताछ की गई है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सबसे पहले राम मंदिर के चढ़ावा में चोरी का आरोप लगाया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा तो शनिवार को योगी सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। सोमवार को एसआईटी की टीम अयोध्या पहुंची और जांच शुरू की थी। एसआईटी को एक हफ्ते में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट देनी है। जांच पूरी करने के लिए फिलहाल 15 दिनों का समय दिया गया है। पहले दिन राम मंदिर में ही करीब नौ घंटे तक एसआईटी रही और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पूरी प्रक्रिया की जानकारी हासिल की थी।

एसबीआई के दो कर्मचारियों से भी पूछताछ

एसबीआई के भी दो कर्मचारियों से एसआईटी ने पूछताछ की है। बैंक की तरफ से गणना कराने और इसमें शामिल लोगों की सूची दी गई थी। इन लोगों से गणना के बाद बैंक तक धनराशि पहुंचाने के बारे में जानकारी ली गई। पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने जिन बैंक कर्मचारियों का नाम लिया था, उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलवाया गया था। एक का अयोध्या बैंक शाखा से अन्यत्र स्थानान्तरण हो चुका है, जबकि दूसरे कर्मचारी का पटल परिवर्तन हो चुका है। इस तरह फिलहाल छह लोगों से पूछताछ की गई है।

ट्रस्ट के लोगों का भी दर्ज होगा बयान

एसआईटी के अफसर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के यहां सक्रिय पदाधिकारियों के अलावा सभी व्यवस्थाओं के जिम्मेदारों का भी बयान रिकार्ड करेंगे। इसके अतिरिक्त अलग-अलग कार्यों के लिए अनुबंधित आउट सोर्सिंग कंपनी की कार्यप्रणाली व उनके द्वारा चयनित व्यक्तियों के चारित्रिक सत्यापन की प्रक्रिया को भी समझेंगे।

गलत लोगों का बेरोकटोक प्रवेश बड़ा खतरा

सूत्रों का कहना है राम मंदिर में चोरी की घटना उतनी महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से अति संवेदनशील परिसर में गलत व्यक्तियों के बेरोकटोक प्रवेश को भविष्य के बड़े खतरे के रूप में भी। देख रहा है। चंद सिक्कों पर बहकने वाले जब ऐसे संवेदनशील स्थान पर महत्वपूर्ण भूमिका में रहेंगे तो फिर उनका दुरुपयोग कभी भी बाहरी अराजक कर सकते हैं और उनके माध्यम से बड़ी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं। यही वजह है कि जांच की प्रक्रिया महज चढ़ावे की हेराफेरी तक सीमित नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था और उसकी खामियों को लेकर भी की जा रही है।

एसआईटी ने मंदिर को बनाया अस्थाई ठिकाना

एसआईटी को राम मंदिर परिसर में नया अस्थाई ठौर मिल गया है। ग्रीनहाउस को अस्थाई कार्यालय बनाया गया है। इसे फिलहाल व्यवस्थित किया जा रहा है और फर्नीचर आदि की व्यवस्था की जा रही है। यही पर अधिकारी गण बैठकर जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। इस कैंप कार्यालय में टेक्निकल स्टाफ का भी प्रबंध किया जाना है। गोपनीयता की दृष्टि से ऐसे स्टाफ की नियुक्ति भी चुनौती है जिससे गोपनीयता भंग न होने पाएं। इसके अलावा सम्बन्धित लोगों के बयान दर्ज करने के लिए वीडियोग्राफर व कम्प्यूटर आपरेटर की भी आवश्यकता है। इन सबका भी प्रबंध किया जा रहा है।

Yogesh Yadav

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योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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