राम मंदिर से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में नई गति, जबरदस्त उछाल, IIM की स्टडी में बड़ा खुलासा

Feb 18, 2026 06:32 am ISTYogesh Yadav लाइव हिन्दुस्तान
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आईआईएम लखनऊ की ताजा रिपोर्ट 'इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या' ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में पर्यटकों की संख्या करोड़ों में पहुंच गई है, जिससे स्थानीय कारोबारियों की आय में 500% तक की वृद्धि हुई है।

राम मंदिर से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में नई गति, जबरदस्त उछाल, IIM की स्टडी में बड़ा खुलासा

अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद न केवल धार्मिक आस्था का सैलाब उमड़ा है, बल्कि इस पावन नगरी की आर्थिक तस्वीर भी पूरी तरह बदल गई है। भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट ‘इकॉनमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या’ (अयोध्या का आर्थिक पुनर्जागरण) में चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अध्ययन के अनुसार, अयोध्या अब केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा पावरहाउस बनकर उभरा है। मंदिर उद्घाटन के बाद शहर में पर्यटन, विदेशी निवेश, स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसरों में ऐसी वृद्धि हुई है जिसकी कल्पना कुछ वर्षों पहले तक असंभव थी।

श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि

आईआईएम की रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या की स्थिति बेहद अलग थी। तब सालाना करीब 1.7 लाख श्रद्धालु ही अयोध्या पहुंचते थे और स्थानीय बुनियादी ढांचा बेहद कमजोर था। लेकिन जनवरी 2024 में प्राण प्रतिष्ठा के बाद तस्वीर जादुई रूप से बदली है। आंकड़ों के मुताबिक, पहले छह महीनों में ही 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। अब अनुमान है कि हर साल पांच से छह करोड़ आगंतुक स्थायी रूप से अयोध्या आएंगे। पर्यटकों की इस भारी संख्या से प्रदेश सरकार को मिलने वाले कर राजस्व में 20,000 से 25,000 करोड़ रुपये की भारी बढ़त होने की संभावना जताई गई है।

आतिथ्य क्षेत्र और एमएसएमई (MSME) का विस्तार

प्रतिदिन औसतन दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन ने आतिथ्य (Hospitality) और सेवा क्षेत्र को नई संजीवनी दी है। रिपोर्ट बताती है कि अयोध्या में 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे शुरू हुए हैं। दुनिया भर के दिग्गज होटल समूहों जैसे ताज और मैरियट ने अयोध्या में अपनी विस्तार योजनाएं धरातल पर उतार दी हैं। इसके साथ ही, लगभग 6,000 नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) स्थापित हुए हैं। अध्ययन का अनुमान है कि अगले चार-पांच वर्षों में अयोध्या में 1.2 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो स्थानीय युवाओं के लिए वरदान साबित होंगे।

स्थानीय दुकानदारों और प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल

इस आर्थिक क्रांति का सबसे सीधा लाभ अयोध्या के छोटे व्यापारियों को मिला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन दुकानदारों की औसत कमाई पहले मात्र 400 से 500 रुपये प्रतिदिन थी, वह अब बढ़कर 2,500 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है। इसके अलावा, मंदिर के आसपास की संपत्तियों (Real Estate) की कीमतों में 5 से 10 गुना तक का जबरदस्त उछाल आया है। कनेक्टिविटी बेहतर होने और अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने से निवेश की गति और तेज हो गई है। आईआईएम की यह स्टडी स्पष्ट करती है कि अयोध्या का मॉडल अब देश के अन्य धार्मिक शहरों के लिए 'इकॉनमिक ब्लूप्रिंट' का काम करेगा।

Yogesh Yadav

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Yogesh Yadav

योगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं। 

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