
महाराणा प्रताप के गेट से राजनाथ-ब्रजेश पाठक का नाम गायब, लखनऊ में भाजपा पार्षदों ने किया विरोध
संक्षेप: लखनऊ में नगर निगम ने हुसैनगंज चौराहे का नाम बदलकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौराहा कर दिया, लेकिन अब इस पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने हुसैनगंज चौराहे का नाम बदलकर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौराहा कर दिया, लेकिन अब इस पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नगर निगम के प्रस्ताव पर बने नए स्वागत द्वार (गेट) पर रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा महापौर सुषमा खर्कवाल का नाम या तस्वीर नहीं है। इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) सदस्यों ने नाराजगी जताई है। इस द्वार पर भाजपा एमएलसी मानवेंद्र सिंह चौहान और रायबरेली की गौरीगंज सीट से समय समाजवादी पार्टी से निष्कासित विधायक राकेश प्रताप सिंह की तस्वीर लगाई गई है।

लालबाग वार्ड के पार्षद सुशील कुमार तिवारी 'पम्मी' ने कहा, चौराहे का नाम बदलने का प्रस्ताव मैंने नगर निगम सदन में रखा था, जिसे पास कराया गया। यह नगर निगम का निर्णय था, लेकिन अब बोर्ड पर हमारे सांसद एवं रक्षा का नाम तक नहीं है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इसे सदन में उठाएंगे। भाजपा पार्षदों ने कहा कि बोर्ड पर जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ की तस्वीरें हैं।
वहीं दूसरी ओर राजनाथ सिंह, ब्रजेश पाठक, और खर्कवाल की तस्वीरें भी होनी चाहिए थीं। गौरतलब है कि इस चौराहे का नाम पहले हुसैनगंज चौराहा था। जुलाई में यहाँ लगी महाराणा प्रताप की प्रतिमा की तलवार को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया था, जिसे पुलिस ने तीन घंटे में दुरुस्त करा दिया। इसी स्थान पर दो महीने पहले मुख्यमंत्री योगी आदत्यिनाथ ने प्रतिमा और छत्र का अनावरण किया था।





