मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले, चुनाव नतीजों पर बोले राजा भैया, कहां इशारा?
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यूपी की सियासत में दखल देने वाले प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रिया आई है। प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से बाहुबली छवि रखने वाले विधायक राजा भैया ने एक्स पर अपने ही पुराने ट्वीट पर रीट्वीट करते हुए लिखा कि मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले।

पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सभी राजनीतिक दल अपने-अपने तरह से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बंगाल, असम और पुंडुचेरी में भाजपा ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की है। केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में विजय थलापति की टीवीके ने स्टालिन की डीएमके को हराकर कांग्रेस के साथ सरकार बनाने जा रही है। इसी तमिलनाडु के चुनाव के नतीजों ने न केवल दक्षिण भारत, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। यूपी में प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह 'राजा भैया' ने इन नतीजों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। राजा भैया ने डीएमके (DMK) प्रमुख एमके स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन की हार को 'सनातन धर्म' के अपमान का नतीजा करार दिया है।
तीन साल पुराना ट्वीट कर साधा निशाना
राजा भैया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "मिट गये सनातन को मिटाने का सपना देखने वाले।" इसके साथ ही उन्होंने अपना 3 सितंबर 2023 का वह पुराना ट्वीट भी रिट्वीट किया, जिसमें उन्होंने उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म की तुलना बीमारियों से करने वाले बयान का कड़ा विरोध किया था।
राजा भैया का यह इशारा साफ तौर पर तमिलनाडु के हालिया चुनावी रुझानों की ओर है, जहां सत्तारूढ़ डीएमके गठबंधन को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयानों ने हिंदू मतदाताओं के बीच जो नाराजगी पैदा की थी, उसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा है।
क्या था पुराना विवाद?
गौरतलब है कि साल 2023 में एक सम्मेलन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा था कि "सनातन धर्म मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की तरह है, जिसे केवल विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि जड़ से मिटा देना चाहिए।" उस समय राजा भैया ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि यह बयान हिंदुओं के प्रति डीएमके की घृणा को दर्शाता है। उन्होंने तत्कालीन INDIA गठबंधन से भी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।
यूपी की राजनीति में 'सनातन' कार्ड
राजा भैया का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में भी हिंदुत्व और सनातन के मुद्दों पर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। राजा भैया हाल के वर्षों में हिंदू हितों और सनातन धर्म के मुद्दों पर अधिक मुखर हुए हैं। जानकारों का मानना है कि तमिलनाडु के नतीजों को सनातन की जीत बताकर राजा भैया यूपी में अपने राजनीतिक आधार को और अधिक मजबूती देना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया है कि जो भी विचारधारा सनातन को मिटाने की बात करेगी, जनता उसे लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


