यात्रियों को कंफर्म बर्थ दिलाने के लिए रेलवे ने लगाई नई जुगत, Exp ट्रेनों में शुरू हुई कवायद
एलएचबी रेक की ट्रेनों को 24 कोच से चलाने की तैयारी है। स्थायी रूप से कोच बढ़ाने के लिए बनाई गई कमेटी ने रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को दे दी है। ट्रायल के रूप में सेंट्रल रेलवे ने 10 ट्रेनों में इसकी शुरुआत की है। कोच बढ़ने वाली ट्रेनों में गोरखपुर से LTT तक जाने वाली (20104) एलटीटी सुपरफास्ट भी शामिल है।

ट्रेन में कंफर्म बर्थ मिलना रेलवे के किसी भी यात्री के लिए सुखद यात्रा का पहला कदम होता है लेकिन दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और ऐसे बड़े शहरों को जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को अक्सर बर्थ की किल्लत का सामना करना पड़ता है। त्योहारी सीजन में यह और मुश्किल हो जाता है। बर्थ पाने के लिए यात्रियों की जद्दोजहद को कम करने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से रेलवे ने अब एक नई जुगत लगाई है।
अभी 22 कोच से चल रही एलएचबी रेक की ट्रेनों को 24 कोच से चलाने की तैयारी है। स्थायी रूप से कोच बढ़ाने के लिए बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी है। इसके साथ ही ट्रायल के रूप में सेंट्रल रेलवे ने 10 ट्रेनों में इसकी शुरुआत कर दी है। कोच बढ़ने वाली गाड़ियों में गोरखपुर से एलटीटी तक जाने वाली (20104) एलटीटी सुपरफास्ट भी शामिल है। अब पूर्वोत्तर रेलवे ने भी अपनी गाड़ियों में कोच बढ़ाने को लेकर कवायद शुरू की है।
रेलवे बोर्ड की ओर से जारी आदेश के क्रम में अतिरिक्त कोच को स्थायी तौर पर जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को सुविधा तो मिलेगी ही, रेलवे की भी अतिरिक्त कमाई होगी। बोर्ड ने कुछ महीने पहले ही सभी 17 जोन से गुजरने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में 22 की जगह 24 कोच जोड़ने के संबंध में जानकारी ली थी। कई दिनों के मंथन के बाद ट्रेनों में कोच की संख्या बढ़ाने पर सहमति बन गई है। लेकिन इससे पहले कुछ बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करने का सुझाव दिया गया था। उन सुझावों पर कमेटी ने रिपोर्ट सौंप दी है।
एक ट्रेन में डेढ़ सौ यात्रियों को मिलेगा लाभ
ट्रेनों में जिस भी श्रेणी के कोच बढ़ाए जाएंगे, उस श्रेणी के तकरीबन डेढ़ सौ यात्रियों को सीधा फायदा होगा। अगर एसी थर्ड के दो कोच बढ़ाए गए तो वेटिंग लगभग खत्म हो जाएगी। एसी थर्ड में अमूमन 60 से 70 तक वेटिंग जाती है जबकि स्लीपर में 100 के ऊपर। ऐसे में दो कोच लग जाने से यात्रियों को काफी सहूलियत मिल जाएगी।
एनईआर की ट्रेनों में बढ़ जाएंगी 18 हजार सीटें
एनईआर से बनकर जाने वाली ट्रेनों की संख्या करीब 110 हैं। ऐसे में सभी एलएचबी ट्रेनों में कोचों की संख्या 24 हो जाने के बाद करीब 18 हजार सीटें बढ़ जाएंगी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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