48 घंटे जेल में बिताने के बाद रेलवे के APO और अधीक्षक सस्पेंड, ट्रांसफर के बदले मांगी थी घूस
घूस मांगने के आरोप में एपीओ और कार्यालय अधीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है। दोनों के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद रेलवे प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। आरोप है कि सहायक लोको पायलट दंपति का एक जगह ट्रांसफर करने के एवज में पैसे मांगे थे।

UP News: सहायक लोको पायलट दंपति का एक जगह ट्रांसफर करने के लिए घूस मांगने के आरोप में सीबीआई की ओर से गिरफ्तार प्रयागराज मंडल के सहायक कार्मिक अधिकारी (एपीओ) अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी को उत्तर मध्य रेलवे ने निलंबित कर दिया है। दोनों के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के बाद रेलवे प्रशासन ने नियमानुसार यह कार्रवाई की है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि किसी सरकारी कर्मचारी के आपराधिक मामले में 48 घंटे से अधिक समय तक पुलिस या न्यायिक हिरासत में रहने पर नियमानुसार निलंबन की कार्रवाई की जाती है। दोनों रेलकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सहायक लोको पायलट दंपति का एक जगह तबादला करने के लिए घूस मांगने के मामले में सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए एपीओ अरविंद कुमार और कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब सीबीआई की जांच के साथ उत्तर मध्य रेलवे भी विभागीय स्तर पर मामले की जांच कर रहा है।
सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि सीबीआई की जांच में उत्तर मध्य रेलवे पूरा सहयोग कर रहा है। मामले को रेलवे बोर्ड ने भी संज्ञान में लिया है। उत्तर मध्य रेलवे की ओर से तैयार की जा रही रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय और विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
रिश्वत में फंसे इंस्पेक्टर की पत्नी की मौत
उधर, जिले के साइबर थाने के पूर्व प्रभारी ओम नारायण गौतम की पत्नी की शुक्रवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। करीब एक सप्ताह पहले ही इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम के खिलाफ 4.20 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में नामजद एफआईआर दर्ज हुई थी। परिवार के करीबियों की मानें, तो इसकी जानकारी होने के बाद से उनकी पत्नी 48 वर्षीय मंजूलता सदमे में थीं। उनकी बड़ी बेटी की दिसंबर महीने में शादी होनी है। महिला सिपाही ने साइबर ठगी के फ्रीज हुए रुपये की रकम रिलीज कराने के एवज में इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम और कांस्टेबल अभिषेक कुमार पर रिश्वत के रूप में लेने का आरोप लगाया था।
एफआईआर दर्ज होने के बाद कांस्टेबल अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया गया था, जबकि वाराणसी जोन तबादला हुए इंस्पेक्टर ओम नारायण गौतम के खिलाफ कार्रवाई के लिए वाराणसी कमिश्नरेट को पत्र भेजा गया था। इंस्पेक्टर का परिवार कानपुर के बिठूर में रहता है। परिवार के करीबियों के मुताबिक, 10 सितंबर की शाम अचानक मंजूलता की तबीयत बिगड़ी थी।


