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बोले रायबरेली/सुविधाओं की कमी और गंदगी ने बढ़ाई दुकानदारों की दुश्वारियां

बोले रायबरेली/सुविधाओं की कमी और गंदगी ने बढ़ाई दुकानदारों की दुश्वारियां

संक्षेप:

Raebareli News - रायबरेली में किराना कारोबारियों को पार्किंग, साफ सफाई, शौचालय जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग के चलते ग्राहक बाजार आने से कतराने लगे हैं। प्रशासन ने कुछ सुधार किए थे, लेकिन स्थिति जस की तस है। व्यापारियों का कहना है कि अव्यवस्थाओं के कारण उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।

Nov 19, 2025 06:27 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, रायबरेली
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किराना कारोबारियों की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।इनकी समस्याओं पर हमने जनवरी में खबर की थी। उनकी तमाम समस्याओं को उठाया था। जिनमें पार्किंग,अतिक्रमण,साफ सफाई आदि की व्यवस्था दुरस्त हुई थी लेकिन कुछ दिन बीतने पर फिर जस की तस हो गई है। शहर के प्रमुख सब्जी मंडी बाजार के किराना कारोबारियों को व्यापार में अतिक्रमण, साफ सफाई, शौचालय, यूरिनल, पेयजल आदि की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। रायबरेली, संवाददाता। शहर के प्रमुख बाजारों में शामिल सब्जी मंडी मार्केट में व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों के सामने समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। जनवरी में अखबार में यहां की समस्याएं छपी तो कुछ बहुत सुधार हुआ पार्किंग और ई रिक्शा पर प्रशासन से सख्ती दिखाई।

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ई रिक्शा के लिए रूट का निर्धारण हुआ तो यहां के कारोबारियों को बेतरतीब ई रिक्शा आवागमन से राहत मिली, पार्किंग के लिए भी सख्ती ही लेकिन कुछ दिन बाद ही व्यवस्था जस की तस हो गई लोगों के खड़े किए गए वाहन और मार्केट में फैली गंदगी से व्यापारी परेशान हैं। इसे लेकर आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने इन व्यापारियों से बात की तो उन्होंने अपनी बात रखी। इन लोगों ने कहा कि अव्यवस्थाओं के चलते लोग उनकी दुकान आने से कतराने लगे हैं। दुकान के सामने वाहन लग जाने से अक्सर रास्ता बंद हो जाता है। इससे ग्राहक दूसरी दुकानों का रुख कर लेते हैं। सब्जी मंडी मार्केट में इतनी अधिक दुकानें होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। कोई भी फायर बिग्रेड की गाड़ी अतिक्रमण और संकरी हो चुकी सड़कों के कारण आसानी से घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकती है। वहीं मार्केट में कहीं भी वाहन स्टैंड नहीं है। जबकि यहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। ग्राहकों के अलावा दुकानदार और कर्मचारी भी मजबूरी में सड़क पर ही गाड़ी खड़ी करते हैं। तब चालान कटने का डर भी रहता है, इससे जाम भी लगता है। वैसे भी ऑनलाइन मार्केट ने सभी किराना व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। दूसरे अगर ग्राहक इस तरह पार्किंग से परेशान हो कर दूसरी दुकानों का रुख कर लेते हैं या मार्केट में आने से कतराते हैं तो इससे इन किराना कारोबारियों का व्यवसाय प्रभावित होता है। किराना और अन्य घरेलू सामानों की दुकानें सब्जी मंडी मार्केट में हैं। इस वजह से यहां पर जो भी आता है अपने वाहन बेतरतीब तरीके से लगा देता है और यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। इससे इन कारोबारियों का व्यापार प्रभावित होने लगा है। लोगों ने बताया कि मार्केट में शौचालय-यूरिनल की कमी व्यापारियों और ग्राहकों को अखरती है। यहां कहीं भी सार्वजनिक शौचालय या यूरिनल नहीं है। दूसरी प्रमुख समस्या मार्केट में फैली गंदगी है जिससे ग्राहक दुकानों में कम आते है। जहां गंदगी होती है। उससे आगे बढ़ जाते हैं। गंदगी और पार्किंग की समस्या दूर हो तो इन कारोबारियों को राहत मिले। कई बार इस समस्या को व्यापारियों ने उठाया लेकिन कोई प्रभावी निस्तारण नहीं हो सका। कारोबारियों ने कहा कि यदि मार्केट में सफाई व्यवस्था ठीक की जाए तो उनके कारोबार पर असर होगा ग्राहक अधिक आएंगे। गंदगी के कारण लोग दुकान आने से कतराते हैं। मार्केट में कई स्थानों पर कूड़ेदान की आवश्यकता है उसकी व्यवस्था कराई जाए और उनकी साफ-सफाई पर भी ध्यान दिया जाए। जिससे गंदगी के ढेर बाहर न लगे और उनकी सफाई नियमित होती रहे। इसके साथ ही व्यापारियों ने मार्केट में वाहन के कारण जाम जैसी स्थिति पर भी अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख बाजारों में वाहन स्टैंड की व्यवस्था होनी आवश्यक है कोई भी ग्राहक बाजार के अंदर वाहन लेकर प्रवेश न करे इससे अव्यवस्था होती है और अन्य ग्राहकों आने जाने में असुविधा होती है। इससे दुकानदारी भी प्रभावित होती है। वहीं मोबाइल स्क्रीन पर आकर्षक दिखने वाले सामानों पर ग्राहक लुभा जाते हैं। कई बार वे ठगी का शिकार भी होते हैं। फैशन की दौड़ में परम्परागत कारोबार प्रभावित हो रहा है। सरकारी अनुदान की प्रक्रिया काफी जटिल है। अनुदान पर कर्ज लेने का प्रयास करने पर इतने दस्तावेज मांग लिए जाते हैं कि उन्हें जुटाना ही मुश्किल हो गया। ऐसे में व्यापारियों के सामने परिवार का भरण-पोषण करने और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की समस्या उत्पन्न हो गई है। व्यापारियों की मांग है कि यदि समय रहते शासन और प्रशासन ने उनकी इस समस्या पर ध्यान न दिया तो वह कर्ज के बोझ से दबते जाएंगे और उनके सामने आर्थिक तंगी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। ट्रैफिक पर प्रशासन ने किया काम कुछ और हो सुधार तो कम हो जाम रायबरेली संवाददाता। शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। खबर के बाद प्रशासन ने लगी सुधार किए सख्ती के बाद कुछ व्यवस्था तो सुधारी है। फिर भी पार्किंग की कमी के चलते पुलिस भी बेबस नजर आती है। जब तक शहर के प्रमुख बाजारों के पास व्यवस्थित पार्किंग के इंतजाम नहीं होंगे तब तक यह व्यापारियों को दिक्कत बढ़ाते रहेंगे। फुटकर दुकानदारों का अतिक्रमण और बड़ी बसों का प्रवेश इस समस्या को और बढ़ा रहे हैं। सड़कों और फुटपाथों पर फुटकर दुकानदारों का अतिक्रमण है। लोगों को आने-आने में परेशानी होती है। जहां-तहां ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने की समस्या अब काफी हद तक दूर हो गई है। अव्यवस्थाओं के कारण दुकानदारों का व्यवसाय चौपट होता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को इससे कोई मतलब नहीं है। जाम की समस्या से निपटने के लिए लगातार प्रशासन और नगर पालिका की ओर से असफल प्रयास किया जाता है और असफल परिणाम देखने को मिलता है। शहरवासी जब एक जगह से दूसरी जगह या फिर रोजमर्रा की चीजें लेने के लिए निकलते है तो अक्सर जाम की समस्या से जूझते हैं। कई घंटे के बाद अपने गंतव्य पर पहुंचते हैं। शहर में कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नही है। इसके कारण फुटपाथ और सड़क के किनारे वाहन खड़े करने के लिए शहरवासी मजबूर होते हैं। नगर पालिका और यातायात विभाग के लापारवाही से शहर का सड़क ही पार्किंग स्थल ही में तब्दील हो जाती है। जाम की समस्या से घंटो जूझने के बाद लोग एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासन को इससे फर्क नहीं पड़ता कि शहर में जाम की समस्या दिनों-दिन गहराती जा रही है। शहर में मनमानी तरीके से यातायात को संचालित किया जा रहा है। शहर में बड़े वाहन के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाए तो जाम कि समस्या से निजात पाया जा सकता है। व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर में स्कूलों बस के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाए तो जाम की समस्या से छुट मिल जाएगा। शहर की सड़कों पर पर्याप्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं होने के कारण जाम को नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं जिससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना चुनौती बन जाता है। ऑनलाइन खरीददारी ने कम की दुकानदारी रायबरेली। घर बैठे समान मंगाना लोगों को इतना आसान पड़ गया है कि ज्यादातर लोग भीड़-भाड़ से बचने के लिए सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग ही करना चाहते हैं। आजकल ऑनलाइन शॉपिंग ने दुकानदारों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। देशी और विदेशी कंपनियां बहुत तेज़ी से सामान डिलीवर कर रही हैं, और लोग अब घर बैठे अपनी ज़रूरत की चीज़ें मंगा लेते हैं। इससे व्यापारियों का व्यवसाय तो प्रभावित हो ही रहा है, वहीं उनका कामकाज भी बदलता जा रहा है। इससे अपने पुश्तैनी धंधे में जुटे कारोबारियों की मुसीबत बढ़ गई हैं। आए दिन इनकी दुकानों से भीड़ कम होती जा रही है। जो इनकी चिंता का कारण बनी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि कोई ऐसी नीति बने जिससे इनको ऑनलाइन शॉपिंग में नजदीकी दुकान से ही खरीद या डिलीवरी की व्यवस्था की जाए। इससे इनको राहत मिल सकती है। मार्केट के किनारे हो पार्किंग की सुविधा रायबरेली, संवाददाता। सब्जी मंडी बाजार में जाम की समस्या से निपटने के लिए पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही सड़क के किनारे भी पार्किंग हो जिससे जाम न लगे।जाम की समस्या से हर व्यापारी में आक्रोश है। बाजार वासियों के मन में जाम की समस्या को लेकर काफी विरोध है। ये अपनी आवाज को न तो बुलंद कर पाते हैं और न ही लोगों के सामने रख पाते हैं। इन लोगों का कहना है कि बाजार के किनारे मल्टीलेवल पार्किंग बना दिया जाए तो लोगों को बहुत सुविधा मिलेगी। इससे जाम के झाम से छुटकारा मिलेगा। शिकायतें और सुझाव शिकायतें -बाजार में पुरुष हो या महिला किसी के लिए कोई शौचालय नहीं है। -बाजार की मुख्य सड़क पर अतिक्रमण हो चुका है। जिससे लोग परेशान होते हैं। -बाजार से कूड़ा उठाने की व्यवस्था बहुत ही खराब है। इसका कोई समाधान नहीं हुआ। -बाजार के मुख्य मार्ग पर गाड़ियों के आवागमन व बेतरतीब पार्किंग के कारण जाम लग जाता है। -मार्केट में पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है, लोगों को बोतल के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। सुझाव -बाजार में पेयजल के इंतजाम कराए जाएं जिससे लोगों को दिक्कत न हो। -मार्केट में पार्किंग की व्यवस्था कराई जानी चाहिए। जिससे सभी को राहत मिलेगी। -मार्केट में पुरुष और महिलाओं के लिए शौचालय का निर्माण कराया जाए। -बाजार से कूड़े की साफ-सफाई नियमित होनी चाहिए। -बाजार की मुख्य सड़क पर अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए। नंबर गेम 300 के करीब व्यापारी इस मार्केट से जुड़े हैं। 1000 से अधिक ग्राहक प्रतिदिन यहां आते हैं । 01 करोड़ से अधिक का व्यापार प्रतिदिन होता है। 12 ग्रोसरी स्टोर और मॉल शहर में संचालित हो रहे हैं। 200 बड़े और 500 मध्यम किराना व्यवसाई शहर में कारोबार कर रहे हैं। इनकी भी सुनिए अपने पुश्तैनी धंधे में जुटे हम कारोबारियों की मुसीबत बढ़ गई हैं। आए दिन इनकी दुकानों से भीड़ कम होती जा रही है। जो इनकी चिंता का कारण बनी हुई है। कारोबारियों का कहना है कि कोई ऐसी नीति बने जिससे इनको ऑनलाइन शॉपिंग में नजदीकी दुकान से ही खरीद या डिलीवरी की व्यवस्था की जाए। सचिन गुप्ता कारोबारियों और ग्राहकों को सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। आखिर हम सरकार को किस बात का टैक्स देते हैं। महिला शौचालयों की व्यवस्था किसी भी मार्केट में नही है। वहीं अतिक्रमण और खराब सड़कों के कारण सब्जी मंडी में आने से ग्राहक कतराते हैं। अमनदीप बाजार में अव्यवस्थाओं का खामियाजा बाजार के व्यापारियों को उठाना पड़ता है। इसका सीधा नुकसान व्यापारी वर्ग को हो रहा है। जाम के जाम और पार्किंग आदि से भी बचने आदि की वजह से अब लोग घर बैठे की ऑनलाइन शापिंग के जरिए अपना सामान मंगा लेते हैं। सुजीत कुमार शहर की सबसे प्रमुख सब्जी मंडी मार्केट में कारोबारियों को वाहन पार्किंग और साफ सफाई की समस्या के साथ साथ जलभराव, सुरक्षा व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन खरीददारी से ग्राहकों की कमी, ग्रोसरी स्टोर के चलते छोटे दुकानदारों के यहां ग्राहक कटने लगे हैं। मो. आलम सब्जी मंडी मार्केट में इतनी अधिक दुकानें होने के बाद भी आग से निपटने के इंतजाम नहीं हैं। कोई भी फायर बिग्रेड की गाड़ी अतिक्रमण और संकरी हो चुकी सड़कों के कारण आसानी से घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकती है।यदि कोई अव्यवस्था हो तो लोगों फिर मुसीबत हो सकती है। हीरा राजपाल मार्केट में कहीं भी वाहन स्टैंड नहीं है। जबकि यहां रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है। ग्राहकों के अलावा दुकानदार और कर्मचारी भी मजबूरी में सड़क पर ही गाड़ी खड़ी करते हैं। तब चालान कटने का डर भी रहता है, इससे जाम भी लगता है। सिराजुल सब्जी मंडी मार्केट में व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों के सामने समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। यहां के कारोबारियों के सामने प्रमुख समस्या लोगों के बेतरतीब खड़े किए गए वाहन और मार्केट में फैली गंदगी है। इसके चलते लोग उनकी दुकान आने से कतराने लगे हैं। जान मोहम्मद दुकान के सामने वाहन लग जाने से अक्सर रास्ता बंद हो जाता है। इससे ग्राहक दूसरी दुकानों का रुख कर लेते हैं। वैसे भी ऑनलाइन मार्केट ने सभी किराना व्यवसायियों की कमर तोड़ दी है। दूसरे अगर ग्राहक इस तरह पार्किंग से परेशान हो कर दूसरी दुकानों का रुख कर लेते हैं। रामकुमार किराना और अन्य घरेलू सामानों की दुकानें सब्जी मंडी मार्केट में हैं। इस वजह से यहां पर जो भी आता है अपने वाहन बेतरतीब तरीके से लगा देता है और यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। इससे इन कारोबारियों का व्यापार प्रभावित होने लगा है। मार्केट में शौचालय-यूरिनल की कमी व्यापारियों और ग्राहकों को अखरती है। महेश कुमार बाजार में कहीं भी सार्वजनिक शौचालय या यूरिनल नहीं है।सबसे अधिक दिक्कत महिलाओं को होती है। यदि ऐसी कोई दिक्कत होती है तो इन लोगों को व्यापारी गुरुद्वारे या पास के कांप्लेक्स में भेजते हैं। इससे लोगों को दिक्कत होती है। इसका उपाय होना चाहिए। विजय कुमार मार्केट में सफाई व्यवस्था ठीक की जाए तो उनके कारोबार पर असर होगा ग्राहक अधिक आएंगे। गंदगी के कारण लोग दुकान आने से कतराते हैं। मार्केट में कई स्थानों पर कूड़ेदान की आवश्यकता है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे राहत मिलेगी। जियाउल हसन मार्केट में नियमित साफ सफाई की व्यवस्था कराई जाए। जिससे व्यवसाय बढ़ेगा। गंदगी के ढेर बाहर न लगे और उनकी सफाई नियमित होती रहे। इसके साथ ही व्यापारियों ने मार्केट में वाहन के कारण जाम जैसी स्थिति बन जाती है इसलिए बाजार में वाहन स्टैंड की व्यवस्था होनी आवश्यक है। सुनील कुमार बाजार के रास्तों पर अव्यवस्थित पार्किंग, फुटकर दुकानदारों का अतिक्रमण और बड़ी बसों का प्रवेश इसे और बढ़ा रहे हैं। सड़कों और फुटपाथों पर फुटकर दुकानदारों का अतिक्रमण है। लोगों को आने-आने में परेशानी होती है। जहां-तहां ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने से भी जाम की समस्या बनी रहती है। फिरोज भीड़-भाड़ से बचने के लिए लोग सिर्फ ऑनलाइन शॉपिंग ही करना चाहते हैं। आजकल ऑनलाइन शॉपिंग ने दुकानदारों के लिए परेशानी बढ़ा दी है। देशी और विदेशी कंपनियां बहुत तेज़ी से सामान डिलीवर कर रही हैं, और लोग अब घर बैठे अपनी ज़रूरत की चीज़ें मंगा लेते हैं। विजय कुमार ------------ बोले व्यापारी नेता शहर में बड़े-बड़े ग्रॉसरी स्टोर खुलने से छोटे किराना व्यवसाईयों का बिजनेस काफी प्रभावित हो रहा है। सब्जी मंडी में स्थित दर्जनों किराना व्यापारियों के लिए ना सुलभ शौचालय की व्यवस्था है और ना ही नियमित सफाई नगर पालिका द्वारा की जाती है। जिससे स्थानीय उपभोक्ता मंडी कम जाना पसंद करते हैं। इन अव्यवस्थाओं पर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देने की आवश्यकता है। जिससे व्यापारियों और आने वाले ग्राहकों को राहत मिल सके। अतुल कुमार गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश युवा उद्योग व्यापार मंडल --------- बोले अधिकारी बाजार में जो भी समस्याएं हैं उनको दूर करने के लिए जो भी संभव प्रयास हैं वह अवश्य किए जाएंगे। यदि किसी व्यापारी को विशेष दिक्कत है तो उसके लिए कोई भी कार्यालय में आकर शिकायत कर सकता है। तो उसकी दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। जो भी समस्याएं हैं उनके निदान के लिए जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। टीम लगाकर साफ- सफाई कराई जाएगी । स्वर्ण सिंह, अधिशासी अधिकारी