जिला अस्पताल में एक्सपायरी डेट के चढ़ाई जा रहे हैं ग्लूकोज और इंजेक्शन

हिन्दुस्तान, रायबरेली
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रायबरेली के जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

जिला अस्पताल में एक्सपायरी डेट के चढ़ाई जा रहे हैं ग्लूकोज और इंजेक्शन

रायबरेली, संवाददाता। जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराए गए मरीज को एक्सपायरी डेट का ग्लूकोस चढ़ाया जा रहा है तो वहीं इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं। इससे जहां मरीजों की हालत बिगड़ने लगी तो वहीं अस्पताल में ग्लूकोज एक्सपायरी डेट की जानकारी होने के बाद अफरा तफरी मच गई। वायरल हो रहे वीडियो का संज्ञान लेकर सीएमएस ने जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में बीते शुक्रवार की देर रात इलाज के लिए अलग-अलग बेड़ो में भर्ती किए गए मरीजों को एक्सपायरी डेट के जहां इंजेक्शन लगाए जा रहे थे तो वही ग्लूकोस भी चढ़ाया जा रहा था।

मरीज को चढ़ाया जा रहे ग्लूकोज की एक्सपायरी डेट बीते मार्च माह में थी उसके बावजूद उसका उपयोग धड़ल्ले से जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उपयोग हो रहा था। एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन और ग्लूकोज देखकर मरीजों के तीमारदार दंग रह गए। तीमारदारों के द्वारा इसका विरोध करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया। इससे जहां जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खुल गई तो वहीं जिम्मेदारों की लापरवाही भी सामने आई। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो को देखकर सीएमएस डॉक्टर पुष्पेंद्र कुमार ने पूरे मामले की जांच किए जाने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की।

जांच प्रक्रिया

जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए गए। सीएमएस की ओर से जारी किए गए आदेश के बाद इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर स्टाफ नर्स के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवकों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि वायरल हो रहे वीडियो की पुष्टि हिंदुस्तान समाचार पत्र नहीं करता है।

अमेठी जिले के फुरसतगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले अमित वर्मा ने बताया कि उनके चाचा की अचानक तबियत बिगड़ गई। शनिवार की भर में वह इलाज के लिए अस्पताल आए। जहां उनके चाचा को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। इसी बीच इमरजेंसी वार्ड में कुछ बाहरी युवकों के द्वारा उनके चाचा को वीगो लगाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन वह नहीं लगा पाए। इस पर उन्होंने विरोध किया तो उन्हें धमकाया भी गया। बाद में अचानक चढ़ाई जा रहे ग्लूकोज और इंजेक्शन के एक्सपायरी डेट पर नजर पड़ी तो वह दंग रह गए। उन्होंने तत्काल इसकी शिकायत संबंधित डॉक्टर और सीएमएस से की।

उनका कहना है कि अस्पताल में बेहतर इलाज के नाम पर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले की विभागीय जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की।

जांच टीम और कार्रवाई

इमरजेंसी वार्ड में मरीज को एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज और लगाए गए इंजेक्शन के मामले में जांच किए जाने के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है। इसमें जो भी दोषी मिलेगा संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गनीमत रही कि एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज और इंजेक्शन लगाने में मरीज की सेहत ज्यादा नहीं बिगड़ी स्थिति को काबू कर लिया गया।

सामान्य प्रश्न

जिला अस्पताल में समस्या क्या है?
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को एक्सपायरी डेट का ग्लूकोज और इंजेक्शन दिए जा रहे हैं।
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