बोले रायबरेली/जर्जर पुल और पुलिया पर दें स्थानीय प्रशासन दे ध्यान, जिससे कोहरे में सुरक्षित रहे लोगों की जान
Raebareli News - रायबरेली जिले में जर्जर पुल और पुलिया लोगों के लिए खतरे का सबब बन गए हैं। कई स्थानों पर पुलिया टूटी हुई हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय निवासी कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को खास तौर पर दिक्कत हो रही है।
जिला मुख्यालय और तहसीलों के आसपास के ग्रामीण इलाके में संपर्क मार्ग के रूप में इस्तेमाल होने वाली अधिकांश पुलिया या छोटे पुल की स्थिति ठीक नहीं है। कई स्थानों पर पुलिया क्षतिग्रस्त है वहां पर कोहरे के समय आवागमन में भारी दिक्कत होती है और हादसे की आशंका बनी रहती है। इस पर कुछ समय पहले बोले के तहत कवरेज की गई थी। उसके बाद कई जगह मरम्मत का कार्य हुआ है इसके बाद भी अभी भी कई स्थानों पर कोई कार्य नहीं हुआ है। इसमें दीनशाह गौरा ब्लॉक के बेहीखोर का पुल कई वर्षों से टूटा हुआ है। पास से ही लोगों ने कच्चा पुल बना लिया है लेकिन अभी तक इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

यही हाल टीकर आगाचीपुर की पुलिया का है। रायबरेली, संवाददाता। कोहरे भरे इस मौसम में जिले के क्षतिग्रस्त पुल और पुलिया लोगों के लिए खतरे का सबब बन गए हैं। इनमें अक्सर लोग गिर कर चोटिल हो जाते हैं। कई स्थानों पर रेलिंग टूट गई है इससे लोग पुल से नीचे नहर तक में गिर जाते हैं। जाड़े में कोहरे के कारण घटनाएं बढ़ने की आशंका है लेकिन इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस मुद्दे पर कुछ महीने पहले उठाया गया इसमें कुछ स्थानों पर मरम्मत हुई लेकिन अब फिर मामला ढीला हो गया है। इसमें ऊंचाहार, डलमऊ, गौरा, राही, सिंहपुर आदि में यह पुल हादसों को दावत दे रहे हैं। ऐसे में आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने खुल कर अपनी समस्याएं बताई। बेहीखोर में स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि बेहीखोर का पुल करीब दो साल टूटा हुआ है इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। आगे टीकर आगाचीपुर की पुलिया भी टूट गई है। इस समस्या से निजात दिलाने की कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसके कारण उन्हें इन क्षतिग्रस्त पुलिया से हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। इन रास्तों से खास तौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों, ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। इन क्षतिग्रस्त पुलिया के आसपास संकेतक नहीं लगाए गए हैं। इससे लोगों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। इन टूटी पुलिया में अक्सर कई ग्रामीण गिरकर चोट खा रहे हैं। लोगों ने कहा कि रास्तों को आसान बनाने के लिए बने पुल और पुलिया जर्जर होने पर हम लोगों की मुसीबत का सबब बन गए हैं। यह हादसे को दावत दे रहे हैं। इनसे कभी भी हादसा हो सकता है।लोगों को सहूलियत देनें के लिए बनी पुलिया और पुल जर्जर होने पर उन्हीं की मुसीबत जा रहीं हैं। इन रास्तों से नौकरी-पेशा के साथ-साथ पशुपालन और खेती पर निर्भर ग्रामीणों के लिए यह पुल खतरे का सबब बन गए हैं। देखा जाए तो गौरा क्षेत्र में ही छोटी बड़ी मिलाकर नहर व माइनर में करीब एक दर्जन स्थानों पर छोटी बड़ी पुलिया की रेलिंग टूटी हुई है। जिससे आए दिन लोग गिरकर चोटहिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गौरा क्षेत्र में कई पुलिया टूटी हुई है इनमें बेहीखोर में पुल टूटे दो साल से अधिक हो गए लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। एक पुलिया और टीकर अगाची पुर में धंस गई जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है इससे आवागमन बाधित हो रहा है। लोगों ने कहा कि क्षेत्र के नहर व माइनर पर बने पुल पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। वहीं कई स्थानों पर रेलिंग टूट कर गायब हो गई है। जिससे आए दिन लोग पुलिया से नहर में गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि सबसे ज्यादा समस्या विद्यालय आने- जाने वाले बच्चों व बुजुर्गों के सामने है। इसे जल्द बनवाया जाना चाहिए। इससे हजारों लोग परेशान होते रहते हैं। कोई जिम्मेदार इन समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। ऊंचाहार क्षेत्र के लोगों ने कहा कि इस क्षेत्र में शारदा नहर के पास महावीर का पुरवा, गंदा नाला, पट्टी रहस कैथवल, डलमऊ पंप कैनाल से निकली बहेरवा माइनर में भैंसासुर सवैया समेत कई स्थानों पर पुल और पुलिया जर्जर हैं इन पर बनी रैलिंग तक टूट कर गायब हो गई है। जिससे आने जाने वाले हजारों राहगीरों के सामने समस्या उत्पन्न हो रही है। अक्सर लोग गिर कर घायल हो रहे हैं,लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन हमारी समस्या पर ध्यान दें और जल्द से जल्द समस्या का निबटारा करने की पहल करें। यही हाल बेंद नाले के पुल का है लोगों का कहना है कि यह शहर के जाने का एक प्रमुख रास्ते पर बना पुल है। यह पुल बेंद नाले के ऊपर बना हुआ यह एक प्रमुख नाला है। यह पुल जर्जर हो कर बह गया है। इसलिए इसमें निर्माण तो शुरू हो गया है लेकिन तेजी नहीं दिख रही है। भारी वाहन नीचे बने कच्चे रस्ते से गुजर रहे हैं। नहर के बहाव में अभी कुछ दिन पहले यह रास्ता भी बह गया था इससे लोग बहुत परेशान हुए गनीमत रही कि दोपहर तक इस रास्ते को बहाल कर दिया गया तक लोगों को कुछ राहत मिल सकी।लोगों ने कहा कि इस रास्ते को जल्द ठीक किया जाए जिससे लोगों की दिक्कत दूर हो सके। लोगों ने कहा कि चिचौली, टिकर, अगाचीपुर, पूरे रघुवीर त्रिवेदी, धर्मदासपुर, हरदीटीकर, मनोहरगंज धूता, सुदामापुर आदि में भी आवागमन के रास्ते की पुलिया टूटी हुई हैं। जिससे आने-जाने जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शिकायत के बाद भी मरम्मत नहीं कर पा रहे हैं। इस ओर स्थानीय प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। जिससे कि इन पुलिया की मरम्मत हो सके और लोगों की दिक्कत दूर हो। नंबर गेम 30 से अधिक पुल और पुलिया हैं जर्जर 02 साल से टूटा है बेहीखोर का पुल 2000 से अधिक लोगों का बेहीखोर के पुल से है आवागमन 60 साल पुराने बेंद के पुल का भी अभी तक नहीं हो पाया पुनर्निर्माण 25 हजार से अधिक लोगों का हैं इन जर्जर पुलों से आवागमन शिकायतें और सुझाव शिकायतें -बेहीखोर गांव के लोगों के लिए टूटा पुल बड़ी समस्या है।कई बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई है। -टीकर आगाचीपुर गांव के सैकड़ों किसानों को पुलिया टूटे होने से असुविधा हो रही है। -जो भी जिले में पुल और पुलिया जर्जर हैं, उनका चिन्हीकरण नहीं किया गया है। -जिले की जो भी पुल और पुलिया जर्जर हैं उनमें आवागमन बंद नहीं है कभी भी दुर्घटना हो सकती है। -जिले की जो भी जर्जर पुल या पुलिया हैं उनमें जर्जर होने के संकेतक नहीं लगे हैं। सुझाव -बेहीखोर गांव के लोगों के लिए टूटा पुल बड़ी समस्या है इसे जल्द बनवाया जाना चाहिए। -टीकर आगाचीपुर गांव के सैकड़ों किसानों को पुलिया टूटे होने से असुविधा है इसे ठीक कराया जाए। -जो भी जिले में पुल और पुलिया जर्जर हैं उनका चिन्हीकरण किया जाना चाहिए। -जिले की जो भी पुल और पुलिया जर्जर हैं उनमें आवागमन बंद हो।और बनने तक वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं। -जिले की जो भी जर्जर पुल या पुलिया हैं उनमें जर्जर होने के संकेतक लगाए जाएं। इनकी भी सुनें बेहीखोर का पुल टूट जाने के बाद बगल से अस्थाई रास्ता बनाया गया है, एक तो सकरा है जिससे आने जाने वालों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। जल्द ही इस पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए जिससे लोगों को राहत मिल सके। यह पुल क्षेत्र के लोगों के आने जाने का सहारा बना है। सतेन्द्र यादव क्षेत्र के जर्जर पुल और पुलिया हादसे का सबब बने हुए हैं। इन क्षतिग्रस्त पुलिया से हमेशा हादसे का अंदेशा बना रहता है। इन रास्तों से खास तौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों, ग्रामीण महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। इस ओर स्थानीय प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। राम स्वरूप इन रास्तों से नौकरी-पेशा के साथ-साथ पशुपालन और खेती पर निर्भर ग्रामीणों के लिए यह पुल खतरे का सबब बन गए हैं। क्षेत्र में छोटी बड़ी मिलाकर नहर व माइनर में करीब एक दर्जन स्थानों पर छोटी बड़ी पुलिया की रेलिंग टूटी हुई है। जिससे आए दिन लोग गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। सुखराम क्षेत्र के नहर व माइनर पर बनी कई पुलिया की रेलिंग टूट कर गायब हो गई है। जिससे आए दिन लोग पुलिया से नहर में गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि सबसे ज्यादा समस्या विद्यालय आने- जाने वाले बच्चों व बुजुर्गों के सामने है। इसे जल्द बनवाया जाना चाहिए। इससे हजारों लोग परेशान होते रहते हैं। रमेशचंद्र गौरा के दुर्गागंज मार्ग समेत कई स्थानों पर पुल और पुलिया जर्जर हैं। यह पुलिया ओवर लोड डंपर के चलने के कारण धंस गई है। इसमें कभी भी कोई हादसा हो सकता है। इसे जल्द ठीक कराया जाना चाहिए। इधर आने जाने वाले हजारों राहगीरों के सामने समस्या उत्पन्न हो रही है। यह हादसे का सबब बन गया है। गंगाविष्णु बेंद नाले के ऊपर बना हुआ पुल निर्माणाधीन है। इसे जल्द बनवाया जाना चाहिए। यह शहर के जाने का एक प्रमुख रास्ता है। अभी जल्द ही इसके पास बने कच्चे रास्ते के बह जाने से बहुत दिक्कत हो गई थी। इसे जल्द ही बनवाया जाना चाहिए। जिससे लोगों को राहत मिल सके। मनोज कुमार क्षेत्र के कई पुल के जर्जर होने का प्रमुख कारण है कि इनकी मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे लोग परेशान होते रहते हैं। इससे इनमें लगातार दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। अक्सर ओवरलोड भारी वाहन भी इन पुलों से निकलते हैं। ओवर लोड वाहनों ने पुल को और ज्यादा क्षतिग्रस्त कर दिया। जल्द ही इन पुलों को बनाया जाना चाहिए । कल्लू पुल के टूटने की सूचना संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को दी गई। फिर भी अभी तक इसका निर्माण नहीं शुरू हुआ है। जिससे लोग परेशान हो रहे हैं।लोगों ने इसे जल्द व्यवस्थित कराए जाने की मांग की है। जिससे लोगों को असुविधा न हो सके। दिलीप कुमार क्षेत्र के टीकर अगाचीपुर, हरदीटीकर, मनोहरगंज धूता, सुदामा पुर आदि में भी आवागमन के रास्ते की पुलिया टूटी हुई हैं। जिससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे बनवाया जाए। ओमप्रकाश क्षेत्र में टूटी पुलिया को बनवाने के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन उसके बाद भी मरम्मत को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि इन क्षेत्रों से हजारों लोगों का आवागमन हो रहा है। इस पर ध्यान देना आवश्यक है। राजकुमार ग्रामीण इलाकों में पुलिया जर्जर होने से हादसे की आशंका बनी रहती है। टूटने से लोग बहुत परेशान हो रहे हैं। कई बार शिकायत होनें के बाद भी कोई करवाई नहीं हुई। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से कभी भी कोई घटना हो सकती है। इस ओर ध्यान दिया जाना चाहिए। पवनेश कुमार पुल टूटने के बाद बेहीखोर में अस्थाई पुल बना दिया गया है। यह अस्थाई पुल कभी भी धराशाई हो सकता है। टूटे पुल के निर्माण में बरती जा लापरवाही से ग्रामीणों में आक्रोश फैलने लगा है। लगता है विभाग कोई बड़ी दुर्घटना होने के बाद ही नींद से जागेगा। रामदास क्षेत्र के टीकर आगाचीपुर सम्पर्क मार्ग पर माइनर की पुलिया कई महीने पहले ध्वस्त हो चुकी है। किसी तरह आवागमन शुरू किया गया है। इन जर्जर पुलों से गुजरते समय बरती गई जरा सी लापरवाही किसी को दुर्घटना का शिकार बना सकती है। इन्हें जल्द बनवाया जाए। जनक दुलारी इन क्षतिग्रस्त पुलिया के आसपास संकेतक नहीं लगाए गए हैं। इससे लोगों के साथ कभी भी हादसा हो सकता है। इन टूटी पुलिया में अक्सर कई ग्रामीण गिरकर चोट खा रहे हैं। लोगों को सहूलियत देनें के लिए बनी पुलिया और पुल लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। राजेन्द्र यादव -------------- बोले अधिकारी जिले में जहां पर भी जर्जर पुल और पुलिया के मरम्मत का प्रस्ताव पास हुए थे। उनका कार्य करा दिया गया है। इसके अलावां इससे संबंधित और भी जिन स्थानों से प्रस्ताव आएंगे उनको भी विभाग बनवाएगा। जहां भी दिक्कत हैं वहां नहर के पुल और पुलिया का मरम्मत और नवीनीकरण कराया जाएगा। सुशील यादव, एक्जिटिव इंजीनियर, साउथ डिवीजन शारदा कैनाल। --------- कई साल से टूटे पुल और पुलिया ,नहीं दे रहा कोई ध्यान दीनशाह गौरा ब्लाक के बेहीखोर ग्राम पंचायत के पास बने पुल को टूटे हुए करीब कई साल हो गए हैं। वहीं टीकर आगाचीपुर की पुलिया पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस पुलिया से सैकड़ों राहगीर, स्कूली बच्चे व स्थानीय निवासी रोजाना गुजरने को मजबूर हैं। बावजूद इसके न तो किसी जनप्रतिनिधि ने ध्यान दिया और न ही प्रशासन के किसी अधिकारी ने इसकी सुध ली। बेहीखोर का पुल कई प्रमुख मार्गों को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण पुल है। फिर भी किसी का इस ओर ध्यान नहीं है। किसी तरह कच्चे बने पुल से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। इससे हादसे की आशंका हमेशा बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिया की हालत की कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने ध्यान दिया। इससे स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्हें डर है कि किसी दिन कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। टूटी पुलिया के कारण लोगों में हादसे का डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि कोई वाहन पुलिया में गिर सकता है और कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शुभेंद्र सिंह ने बताया कि पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों को कई बार इसकी शिकायत की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों को चिंता है कि इस लापरवाही के कारण कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। पुल की टूटी हुई रेलिंग बन रही दुर्घटना की वजह गौरा ब्लॉक मुख्यालय और तहसील मुख्यालय से जोड़ने वाले दुर्गागंज -बेलाखारा मार्ग में खसपरी के पास इस माइनर पर बने इस पुल के ऊपर रेलिंग टूट चुकी है। साथ ही यह अंधा मोड़ भी है। स्थानीय लोगों के लगातार मांग करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी रेलिंग नहीं बना रहे हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए तहसील जाने वाला यह एक प्रमुख मार्ग है। जहां से हजारों लोग प्रतिदिन तहसील और ब्लॉक के लिए आते जाते रहते हैं। इसके बाद भी विभाग द्वारा पुलिया की रेलिंग बनवाने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति दिखाई जाती है। ना तो जिम्मेदार अधिकारी रेलिंग निर्माण को लेकर गंभीर हैं और ना ही विभाग इस बात को गंभीरता से ले रहा है। क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक टूटी हैं पुलिया ऊंचाहार। क्षेत्र में नहर व माइनर में करीब एक दर्जन स्थानों पर पुलिया की रेलिंग टूटी हुई है। जिससे आए दिन लोग गिरकर चोटहिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार मौन धारण किए हुए हैं। क्षेत्र के नहर व माइनर पर बने पुलिया की रेलिंग टूट कर गायब हो गई है। जिससे आए दिन लोग पुलिया से नहर में गिरकर चोटहिल हो रहे हैं। सबसे ज्यादा समस्या विद्यालय आने जाने वाले बच्चों व बुजुर्गों के सामने है। क्षेत्र में शारदा नहर में महावीर के पुरवा, गंदा नाला पर पट्टी रहस्य केथवल, डलमऊ पंप कैनाल से निकली बहेरवा माइनर में भैंसासुर सवैया व टेल से होकर नगर से गुजरने वाले गंदा नाला पर पूरे चौहानन के पुरवा गांव के पास बने नाला पुल समेत कई स्थानों पर पुल और पुलिया पर बनी रैलिंग टूट कर गायब हो गई है। जिससे आने जाने वाले हजारों राहगीरों के सामने समस्या उत्पन्न हो रही है। अक्सर लोग गिर कर घायल हो रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं।

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