
रायबरेली मर्डर मिस्ट्री का खुलासा, झाड़-फूंक और 'जिन्न' के डर से हुई थी ओझा की हत्या, कुएं में मिला कटा सिर
रायबरेली में झाड-फूंक और जिन्न के चक्कर में ओझा विजय की हत्या हुई थी। पुलिस ने घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर विजय का गायब सिर भी एक कुंए से बरामद कर लिया। साथ ही पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
यूपी के रायबरेली में झाड-फूंक के चक्कर में ओझा विजय की हत्या हुई थी। पुलिस ने घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर विजय का गायब सिर भी एक कुंए से बरामद कर लिया। इसके साथ ही हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने वैन का उपयोग किया गया था उसे भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसपी अमेठी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि पूजा सिंह ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी कि उनके मामा विजय सिंह की हत्या कर दी गयी है। घटना के खुलासे के लिए चार टीमें गठित की थी।
एसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त राजन सोनकर उर्फ निरहू ने बताया कि बाबा विजय सिंह झाड़-फूंक का काम करते थे। उसने अपनी मां को दिखा कर विजय सिंह से झाड़-फूंक करवाया था। जिसके बदले में उसने कई बार बाबा को रुपये दिया था, लेकिन आराम न मिलने पर और पैसे की मांग करते थे। जब उसने पैसा देने से मना कर दिया तो उसकी शारीरिक समस्या अधिक बढ़ गई। उसे लगा कि उसने बाबा को पैसे नहीं दिया तो बाबा ने उस पर जिन्न भूत (जिन्न) छोड़ दिया है। इसी बात से परेशान होकर उसने अपने साथी सौरभ सोनकर, प्रदीप उर्फ तूफानी सोनकर व अजय सोनकर के साथ मिलकर योजना बनाई कि बाबा को खत्म कर दिया जाये तो समस्या खत्म हो जायेगी। इसी योजना के तहत राजन सोनकर ने एक मारुति वैन भाड़े पर लिया था।
देवा शरीफ चलने की हुई थी बात
7 जनवरी को जायस रेलवे स्टेशन के पास राजन की मुलाकात विजय सिंह से हुई। राजन द्वारा अपनी समस्या बताने पर विजय ने कहा था कि उसे देवा शरीफ चलना पड़ेगा और रुपये भी खर्च होंगे। इसके बाद रात्रि समय करीब दस बजे राजन अपने साथियों के साथ मारुति वैन से विजय सिंह को उनकी भांजी के घर से देवा शरीफ चलने के बहाने मोजमगंज के पास खेत में सूनसान जगह ले गया। विजय सिंह को गाड़ी से उतार कर सौरभ ने पकड़ कर गिरा दिया, अजय सोनकर व प्रदीप उर्फ तूफानी सोनकर ने पैर पकड़ लिया, सौरभ ने हाथ व सिर दबा दिया, जिसके बाद राजन सोनकर ने गड़ासे से गर्दन पर वार कर सिर धड से अलग कर दिया था।
मृतक की पहचान छिपाने के लिये धड़ को नाले के पास फेंक दिया और सिर को एक बोरी में ईंट के साथ भरकर गदहिया तालाब के पास स्थित एक पुराने कुंए में फेंक दिया था। अभियुक्तों की निशानदेही पर गदहिया तालाब के पास कुंए से जूट के बोरे में ईंट के साथ भरा हुआ मृतक का सिर बरामद किया। एसपी ने बताया कि सिर को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इसके साथ हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल के साथ ही मारुति वैन संख्या यूपी 33 एडब्ल्यू 7364, मृतक का मोबाइल फोन, आधार कार्ड, दिव्यांग प्रमाण-पत्र, ताबीज, मृतक व उसकी पत्नी की फोटो, लाल व काले रंग का धागा आदि बरामद हुआ। चारों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है। एसपी ने खुलासा करने वली थानाध्यक्ष जायस अमरेन्द्र सिंह टीम की सराहना की।
सोनकर ही निकला हत्या
विजय की पत्नी ने जो बात कही थी वह खुलासे के बाद सही निकली। सोनकर के फोन की बात उसने पुलिस को बतायी थी। मृतक की बहन ने भी किसी सोनकर का फोन आने की बात कही थी। इस सोनकर वाले क्लू ने पुलिस को वह रास्ता दिया जिससे खुलासा हो गया। हत्यारे इतने चालाक थे कि वे मृतक का मोबाइल समेत सभी प्रपत्र गायब कर दिए थे। मारुति वैन के आने और जाने से भी पुलिस को रास्ता मिला था।
72 घंटे में हुआ खुलासा
विजय की हत्या का खुलासा पुलिस ने 72 घंटे में कर दिया है। हालांकि घटना वाले दिन ही एसपी ने अविलंब खुलासे की बात कही थी। पुलिस को उसी दिन सोनकर के नाम की जानकारी होने के बाद सुराग मिल गया था लेकिन तार न जुड पाने से समय लगा। कुछ अपराधी बाहर भी भाग गए थे। इस वजह से कुछ समय लगा।





