लखनऊ यूनिवर्सिटी में मोहन भागवत के विरोध की कोशिश, नारेबाजी के बाद कई हिरासत में

Feb 18, 2026 02:13 pm ISTYogesh Yadav लखनऊ, संवाददाता
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लखनऊ विश्वविद्यालय में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ। एनएसयूआई, सपा छात्र सभा और भीम आर्मी के छात्रों ने 'गो बैक' के नारे लगाए और पुलिस से भिड़ गए।

लखनऊ यूनिवर्सिटी में मोहन भागवत के विरोध की कोशिश, नारेबाजी के बाद कई हिरासत में

लखनऊ विश्वविद्यालय (एलयू) का परिसर बुधवार को उस समय अखाड़ा बन गया जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध करने के लिए विभिन्न छात्र संगठन सड़क पर उतर आए। परिसर के मालवीय सभागार में आयोजित 'शोधार्थी संवाद' कार्यक्रम में मोहन भागवत के पहुंचने से पहले ही एनएसयूआई (NSUI), समाजवादी छात्र सभा और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने 'गो बैक' के नारों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन और संघ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और तीखी नोकझोक के बाद कई छात्रों को हिरासत में ले लिया गया।

'गो बैक' के नारों से गूंजा कैंपस, पुलिस से भिड़े छात्र

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 10:30 बजे से संघ प्रमुख मोहन भागवत का विश्वविद्यालय के शोधार्थियों के साथ सीधा संवाद होना था। जैसे ही इसकी जानकारी छात्र संगठनों को हुई, भारी संख्या में छात्र कैशियर ऑफिस के पास जमा हो गए। प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में तख्तियां लेकर संघ प्रमुख के आगमन का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की पुलिस के साथ जबरदस्त झड़प हुई। छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को मौके से उठाकर हिरासत में ले लिया और उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई।

यूजीसी मुद्दे पर चुप्पी और 'पक्षपात' के गंभीर आरोप

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ता शुभम खरवार ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से संघ की गोद में बैठ गया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत यूजीसी (UGC) के विवादित फैसलों और उस पर आए सुप्रीम कोर्ट के स्टे के समर्थन में अपना रुख स्पष्ट करें। छात्रों ने सवाल उठाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के मुद्दे पर दखल दिया है, तो देश के इतने बड़े संगठन के प्रमुख इस पर मौन क्यों हैं? उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में संघ की विचारधारा को जबरन थोपा जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

"सिर्फ भगवा संगठनों के लिए खुलते हैं हॉल के ताले"

प्रदर्शनकारी छात्रों ने एलयू प्रशासन पर पक्षपात का बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के सभागार केवल आरएसएस और एबीवीपी (ABVP) के कार्यक्रमों के लिए ही उपलब्ध कराए जाते हैं। समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जब भी विपक्षी छात्र संगठन किसी शैक्षणिक या सामाजिक चर्चा के लिए हॉल की मांग करते हैं, तो उन्हें नियमों का हवाला देकर टाल दिया जाता है, लेकिन भाजपा सरकार के दबाव में यूनिवर्सिटी प्रशासन संघ के आयोजनों के लिए रेड कार्पेट बिछा देता है। छात्रों ने इसे लोकतंत्र और शिक्षा के मंदिर का अपमान बताते हुए भविष्य में और भी बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। फिलहाल, परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है।

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Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को देख रहे हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं। पत्रकारिता में 25 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। सिटी टीम का नेतृत्व भी किया। बीकॉम में ग्रेजुएट और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर रिपोर्टिंग भी की है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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