अलीगढ़ में लिफ्ट गिरने से प्रॉपर्टी डीलर की मौत; सपा विधायक के पिता ने भी गंवाई थी जान, लापरवाही जारी
अलीगढ़ के रसिक अपार्टमेंट में खराब लिफ्ट का दरवाजा खुलने से 55 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर हरिओम वर्मा शाफ्ट में गिर गए। बचाव के दौरान लिफ्ट का हिस्सा उन पर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अपार्टमेंट प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र के गंगा जवाहर कॉलोनी स्थित रसिक अपार्टमेंट में शनिवार दोपहर को एक दिल दहलाने वाली घटना हुई। एक परिचित के फ्लैट पर जा रहे प्रॉपर्टी डीलर की लिफ्ट गिरने से उसमें दबकर मौत हो गई। लोगों का कहना है कि लिफ्ट कुछ माह से खराब थी। इसके बावजूद बटन दबाते ही उसका दरवाजा खुल गया। प्रॉपर्टी डीलर अंदर घुसते ही गिर गए। बचाने का प्रयास किया, तभी ऊपर से लिफ्ट का सेक्शन उनके ऊपर आ गिरा। गर्दन फंसने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन उन्हें दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
अपार्टमेंट प्रबंधक की लापरवाही से मौत
परिजनों ने अपार्टमेंट प्रबंधक की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। हालांकि अपार्टमेंट मालिक का दावा है कि लिफ्ट चालू थी। सिविल लाइन क्षेत्र में सेंटर प्वाइंट के पास स्थित हरिओम नगर निवासी 55 वर्षीय हरिओम वर्मा प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करते थे। रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वे रामबाग चुंगी के पास स्थित रसिक अपार्टमेंट में दूसरी मंजिल पर फ्लैट नंबर बी-2 रहने वाली परिचित आशा चौधरी के घर गए थे,उन्हें प्लॉट दिखाना था।
पैर रखते ही नीचे गिरे, ऊपर लिफ्ट गिरी
इस अपार्टमेंट की लिफ्ट खराब पड़ी हुई है। इस संबंध में बाहर औपचारिक रूप से एक कागज चिपका रखा था। लेकिन, हरिओम की इस पर नजर नहीं पड़ी। उन्होंने लिफ्ट के लिए बटन दबाया। तुरंत ही दरवाजा खुल गया। उन्होंने जैसे ही पैर रखा, तभी नीचे जा गिरे। शोर मचाते हुए बाहर निकलने का प्रयास किया, तभी ऊपरी मंजिल से लिफ्ट उनके ऊपर आ गिरी। इसमें उनकी गर्दन फंस गई। गार्ड व आसपास के लोगों ने उनको बाहर निकाला और दीनदयाल अस्पताल में ले गए। वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
सपा विधायक के पिता की भी गई थी जान
करीब एक दशक पूर्व तत्कालीन सपा विधायक ठा. राकेश सिंह के पिता की मौत भी लिफ्ट हादसे में हुई थी। ठा. राकेश सिंह के करीबी बताते हैं कि उनके पिता ठा. राजपाल सिंह सेवानिवृत शिक्षक थे। रामघाट रोड पर पुराने आरटीओ कार्यालय के पास रॉयल अपार्टमेंट में वह चौथी मंजिल पर रहते थे। साल 2017 से पहले एक सुबह 5.30 वह उठे और चौथी मंजिल से नीचे आने के लिए लिफ्ट का शटर खोला। उन्होंने अपना पैर अंदर लिफ्ट में रखा तो वह गड्ढे में गिर गए। वहां लोहे की सरिया आदि से घायल हो गए। उन्हें हॉस्पीटल ले जाया गया। जहां से दिल्ली ले जाते समय मृत्यु हो गई थी।
हादसों के बाद भी लापरवाही जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, यह कोई पहला वाकया नहीं हैं। इससे पहले भी दो बार अपार्टमेंट की इसी लिफ्ट हादसे हो चुके हैं। दो माह पहले एक डिलीवरी ब्वॉय ठीक इसी तरह लिफ्ट के गड्ढे में गिर गया था। तब गार्ड ने सूझबूझ से उसे निकाल लिया था। तब जाकर उसकी जान बच सकी थी। इस घटना के बावजूद अपार्टमेंट प्रबंधन ने कोई सबक नहीं लिया और लापरवाही जारी रही।


