यूपी की इस यूनिवर्सिटी में खत्म हुआ कुलपति का इंतजार, राजभवन से आदेश जारी
कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. कृष्ण पाल सिंह को डीडीयू का नया कुलपति नियुक्त किया है। उनका नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया है। प्रो. कृष्ण पाल सिंह उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन में लंबे अनुभव वाले शिक्षाविद हैं। महात्मा गांधी ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के VC रह चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय में नए कुलपति का इंतजार खत्म हो गया है। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल और विश्वविद्यालय कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. कृष्ण पाल सिंह को विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। इस संबंध में शनिवार को नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया। कुलाधिपति द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रो. कृष्ण पाल सिंह कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि तक कुलपति के पद पर काम करेंगे। यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973 की धारा-12 के तहत प्रदत्त अधिकारों के अंतर्गत की गई है।
प्रो. कृष्ण पाल सिंह उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालय प्रशासन में लंबे अनुभव वाले शिक्षाविद हैं। वह इससे पहले महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वह गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर (उत्तराखंड) में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
राजभवन से जारी आदेश की प्रतिलिपि प्रो. कृष्ण पाल सिंह, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलसचिव तथा संबंधित विश्वविद्यालयों को आवश्यक कार्यवाही के लिए भेज दी गई है। विश्वविद्यालय परिवार को उम्मीद है कि प्रो. कृष्ण पाल सिंह के नेतृत्व में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को नई गति मिलेगी। उनकी नियुक्ति को पूर्वांचल के उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
दो दिन से कुलपति के बिना चल रहा था डीडीयू
बता दें कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय नए कुलपति की नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार था। प्रो. पूनम टंडन का तीन वर्षीय कार्यकाल 3 सितंबर को समाप्त हो गया था। ऐसे में विश्वविद्यालय पिछले दो दिन से नियमित कुलपति के बिना संचालित हो रहा था। शनिवार को राजभवन से नए कुलपति को लेकर आदेश जारी होने से यह इंतजार खत्म हुआ है।
जन्माष्टमी के अवकाश के कारण शुक्रवार को परिसर बंद रहा, फिर भी विश्वविद्यालय में पूरे दिन नए कुलपति की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं होती रहीं। शिक्षक और कर्मचारी लगातार राजभवन से संभावित आदेश की जानकारी लेते रहे। अब शनिवार को विश्वविद्यालय खुलने के साथ ही यह जिम्मेदारी प्रो.कृष्ण पाल सिंह के हाथ में आ गई है।
300 से अधिक आए थे आवेदन
नए कुलपति के चयन के लिए लगभग 300 आवेदन प्राप्त हुए थे। तीन सदस्यीय चयन समिति ने प्रारंभिक छंटनी के बाद 30 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया। इसके बाद पांच नामों का पैनल तैयार कर कुलाधिपति को भेजा गया था। एक सितंबर को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने इन पांचों अभ्यर्थियों का अंतिम साक्षात्कार भी लिया था। उम्मीद थी कि मौजूदा कुलपति का कार्यकाल समाप्त होने से पहले नए कुलपति के नाम पर मुहर लग जाएगी, लेकिन 3 सितंबर बीत जाने के बाद भी नियुक्ति संबंधी आदेश जारी नहीं हो सका। शनिवार को यह इंतजार खत्म हुआ।


