निजी स्कूल नहीं कर सकते मनमानी फीस वसूली, होगी कानूनी कार्रवाई; इस जिले में DM की सख्त चेतावनी
किसी भी छात्र को निजी स्कूल पुस्तक, जूता-मोजा और यूनिफॉर्म आदि किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। वाराणसी के डीएम ने चेतावनी दी कि विद्यालयों की ओर से यदि पांच साल के अंदर यूनिफार्म बदला जाता है तो उन पर जुर्माना लगाने के साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

UP Schools News: उत्त्तर प्रदेश के वाराणसी में निजी विद्यालयों में मनमानी फीस वसूली और यूनिफार्म-किताबों को एक ही दुकानों से लेने की बाध्यता पर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने नाराजगी जताई है। शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि किसी निजी स्कूल में पांच फीसदी से अधिक शुल्क वृद्धि वसूल नहीं की जाएगी। किसी भी छात्र को पुस्तक, जूता-मोजा और यूनिफॉर्म आदि किसी खास दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि विद्यालयों की ओर से यदि पांच साल के अंदर यूनिफार्म बदला जाता है तो उन पर जुर्माना लगाने के साथ ही विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। डीएम ने सभी विद्यालयों से इस बारे में हलफनामा तलब किया है।
डीएम ने कैंप दफ्तर में जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पुस्तकों, यूनिफॉर्म एवं फीस के संबंध में लगातार शिकायतें आ रही हैं। इसलिए विद्यालयों का नियमित तौर पर औचक निरीक्षण किया जाए। वहां उपस्थित अभिभावकों एवं छात्रों से फीडबैक लिया जाए। यदि शासनादेश से इतर कोई विसंगति अथवा निर्देशों के अवहेलना मिली तो अधिनियम के प्रावधान के अनुसार कठोर कार्रवाई होगी।
शिक्षा अधिकारियों को डीएम ने निगरानी के साथ-साथ स्वयं कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, चार्टर्ड अकाउंटेंट हरि एन सिंह बिसेन, मुख्य कोषाधिकारी, प्रधानाचार्य निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज और अभिभावक-शिक्षक संघ से यशविंदर सिंह आदि मौजूद थे।
डीआईओएस दफ्तर में कंट्रोल रूम खुला
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है, नंबर. 05422509413 है। अभिभावक अपनी शिकायत कर सकते हैं। वे शुल्क वृद्धि अथवा पुस्तक, यूनिफॉर्म से संबंधित शिकायतें लिखित रूप में भी कार्यालय में जमा कर सकते हैं। उनका नाम गोपनीय रखते हुए विद्यालय के विरुद्ध जांच होगी।
लेखक के बारे में
Ajay Singhअजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।
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